अधिवक्ता हित सर्वोपरि, महिला अधिवक्ताओं को समान सम्मान।”


रिपोर्टर : के. एन. साहनी, प्रयागराज

**युवा कर्मठ प्रत्याशी एडवोकेट देवेंद्र कुमार बिन्द

बार कॉन्सिल ऑफ उत्तर प्रदेश सदस्य पद (क्रमांक 93) हेतु मैदान में**

मूल निवासी : काँटी, बारा, प्रयागराज (उ.प्र.)
मोबाइल : 8303338676

प्रयागराज/कुशीनगर।
बार कॉन्सिल ऑफ उत्तर प्रदेश के सदस्य पद के चुनाव में इस बार युवा उम्मीदवारों की सक्रियता खासा चर्चा में है। इन्हीं में से एक नाम एडवोकेट देवेंद्र कुमार बिन्द का है, जो क्रमांक 93 से चुनावी मैदान में दमदार दावेदारी पेश कर रहे हैं।

मूल रूप से काँटी, बारा, प्रयागराज के निवासी देवेंद्र कुमार बिन्द अपनी सरलता, ईमानदारी और अधिवक्ता हितों के प्रति समर्पण के लिए व्यापक रूप से जाने जाते हैं।

उनका प्रमुख नारा है—

अधिवक्ता हित सर्वोपरि, महिला अधिवक्ताओं को समान सम्मान।”

देवेंद्र कुमार बिन्द ने 10 प्रमुख बिंदुओं वाला एक मजबूत घोषणा पत्र जारी किया है, जिसमें पारदर्शी व्यवस्था, अधिवक्ताओं की सुरक्षा, युवा अधिवक्ताओं को विशेष सहयोग और संगठनात्मक मजबूती को केंद्र में रखा गया है।


देवेंद्र कुमार बिन्द की विशिष्टताएँ (Highlights)

युवा, ऊर्जावान और कर्मठ उम्मीदवार

नई सोच, मजबूत नेतृत्व क्षमता और संगठन को नई दिशा देने का विज़न।

साफ-सुथरी एवं विश्वसनीय छवि

ईमानदार, शांत स्वभाव और अधिवक्ता समाज में भरोसेमंद नाम।

अधिवक्ताओं के मुद्दों को मजबूती से उठाने वाले

लंबे समय से अधिवक्ता हित, सुविधाओं और अधिकारों के लिए सक्रिय।

महिला अधिवक्ताओं के सम्मान व सुरक्षा के मजबूत समर्थक

समान अवसर, सुरक्षित वातावरण और बेहतर सुविधा को प्राथमिकता।

युवा अधिवक्ताओं के मार्गदर्शक

नवोदित अधिवक्ताओं के लिए प्रशिक्षण, सुविधाएँ और मेंटरशिप की स्पष्ट योजना।

समस्या-सुनवाई में तत्पर

हर अधिवक्ता से सरलता से उपलब्ध, संवादप्रिय और तत्काल प्रतिक्रिया देने वाले।

पारदर्शी संगठन की वकालत

संगठन में जवाबदेही, अनुशासन और साफ व्यवस्था लाने का स्पष्ट संकल्प।

कानूनी व न्यायिक प्रक्रिया की गहरी समझ

अनुभव, अध्ययन और व्यावहारिक ज्ञान के सम्मिश्रण से परिपूर्ण व्यक्तित्व।


देवेंद्र कुमार बिन्द इन दिनों अपने निर्वाचन क्षेत्र के अधिवक्ताओं से सक्रिय मुलाकातें कर रहे हैं। उनके अनुसार—

“अधिवक्ता समाज का सम्मान, सुरक्षा और अधिकार सर्वोपरि हैं। संगठन को सशक्त, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाना मेरी प्राथमिकता है।”

उन्होंने अधिवक्ताओं से आग्रह किया है कि वे योग्य और कर्मठ प्रतिनिधि को चुनकर संगठन को नई दिशा देने में सहयोग करें।


Related Post

Leave a Comment