कांशीराम शहरी आवास भ्रष्टाचार की भेंट, दबंगों का अड्डा बना गरीबों का आशियाना

कसया नगर में स्थित कांशीराम शहरी आवास योजना—जिसका उद्देश्य निरीह, तुच्छ और जरूरतमंद गरीबों को सम्मानजनक छत उपलब्ध कराना था—आज भ्रष्टाचार और मनमानी की भेंट चढ़ चुकी है। आरोप है कि यह आवास अब दबंगों और तानाशाही प्रवृत्ति के लोगों का अड्डा बनता जा रहा है, जबकि वास्तविक पात्र दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
इस गंभीर मामले को लेकर वर्तमान जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर से शिकायत की गई। शिकायत को संज्ञान में लेते हुए डीएम ने एसडीएम कसया डॉ. संतराज सिंह बघेल को निर्देश दिया है कि वे कांशीराम शहरी आवास की वास्तविक स्थिति (शिनाख्त/पात्रता/कब्जा) की समग्र जांच करें और तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
प्रशासन की इस कार्रवाई से उम्मीद जगी है कि अवैध कब्जों पर सख़्त प्रहार होगा और वास्तविक पात्र गरीबों को उनका हक मिलेगा। अब सभी की निगाहें एसडीएम की जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।