कुहरे ने बढ़ाई सड़क दुर्घटनाएँ पडरौना–कसया मार्ग पर टूटी पुलियाएँ बनीं मौत का कारण

कुहरे ने बढ़ाई सड़क दुर्घटनाएँ पडरौना–कसया मार्ग पर टूटी पुलियाएँ बनीं मौत का कारण


कुशीनगर में यात्रियों की जान जोखिम में, विभागीय लापरवाही पर उठा सवाल

कुशीनगर, 8 दिसंबर 2025।
जिले में घना कुहरा अब आम जनजीवन के साथ-साथ यातायात व्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। सोमवार सुबह नौ बजे तक जिला मुख्यालय सहित प्रमुख मार्गों पर दृश्यता बेहद कम रही, जिसके चलते दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ गई है।

राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों पर पहले से ही भारी वाहनों का दबाव बना रहता है। बिरला शुगर मिल ढाढा की ओर जाने वाले गन्ना लदे ट्रक, ट्राला, ट्रेलर, ट्रॉली के साथ बिहार की दर्जनों गाड़ियाँ प्रतिदिन पडरौना मार्ग से गुजरती हैं। ऐसे में कुहरे के बीच सड़क की सफेद मार्किंग मिट जाने और किनारों पर गहराई होने से वाहनों के सड़क से नीचे उतरने की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं।

धर्मपुर चौराहे के पास दो पुलिया मौत का जाल बनीं

जिला मुख्यालय से मात्र डेढ़ किलोमीटर दक्षिण स्थित धर्मपुर चौराहा से लगभग 150 मीटर उत्तर की ओर दो पुलिया बिना रेलिंग के वर्षों से खतरा बनी हुई हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार बीते एक वर्ष में इन पुलियों से गिरकर कई लोगों की मौत हो चुकी है, फिर भी PWD और NHAI की ओर से किसी भी तरह की मरम्मत नहीं कराई गई।

अर्जुनहा दे के पास भी रोज होती हैं दुर्घटनाएँ

पडरौना–कसया मार्ग पर अर्जुनहा दे गांव के आगे 200 मीटर की दूरी पर स्थित दो पुलियाओं की रेलिंग भी लंबे समय से टूटी पड़ी है। ग्रामीणों का कहना है कि कुहरे के दिनों में यह स्थान ‘ब्लैक स्पॉट’ बन चुका है, जहां लगभग हर रोज कोई न कोई वाहन अनियंत्रित होकर नीचे गिर जाता है।

नेताओं और अधिकारियों की बेरुखी पर जनता में रोष

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से मंत्री, विधायक, सांसद, वरिष्ठ अधिकारी एवं पुलिस अफसर रोज गुजरते हैं, फिर भी सड़क की दुर्दशा को अनदेखा किया जा रहा है। भारी कुहरे और टूटी पुलियों की वजह से आमजन की जिंदगी खतरे में है, लेकिन विभागीय उदासीनता जस की तस बनी हुई है।

कुहरे में यात्रा के लिए आवश्यक सावधानियाँ

यातायात पुलिस एवं विशेषज्ञों ने घने कुहरे में यात्रा करने वालों से अपील की है—

  • वाहन की गति नियंत्रित रखें, हाई बीम का प्रयोग न करें।
  • फॉग लाइट, लो बीम और हैजर्ड लाइट का उपयोग करें।
  • सड़क किनारे सफेद लाइन नहीं दिखे तो तुरंत गति कम करें।
  • भारी वाहनों से दूरी बनाकर चलें।
  • आवश्यक हो तभी यात्रा करें।

बड़ा सवाल—कब जागेगा विभाग?

लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बावजूद सड़क, पुलिया और सुरक्षा रेलिंग की मरम्मत न होना गंभीर सवाल खड़ा करता है। क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है?
जनता अब जिम्मेदार विभागों से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रही है।

— रिपोर्ट: के. एन. साहनी, कुशीनगर

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