बार काउंसिल चुनाव में बलवंत शाही के घोषणापत्र ने मचाई हलचल — अधिवक्ताओं की सुरक्षा, सम्मान और सुविधाओं पर बड़ा फोकस

विशेष रिपोर्ट
रिपोर्टर: के.एन. साहनी प्रयागराज

गोरखपुर/उत्तर प्रदेश।
बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश के सदस्य पद हेतु चुनावी मैदान में उतरे वरिष्ठ अधिवक्ता व पूर्व मंत्री, सिविल कोर्ट गोरखपुर बलवंत शाही (एडवोकेट) ने अपने प्रबल घोषणापत्र और अधिवक्ताओं के लिए ठोस संकल्पों के साथ चुनाव को नई दिशा दे दी है।

क्रम संख्या 76 से चुनाव लड़ रहे बलवंत शाही ने अधिवक्ताओं की सुरक्षा, सामाजिक सम्मान और आर्थिक कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 15 सूत्रीय मांगों के माध्यम से अपने विज़न को सार्वजनिक किया है। इनके घोषणापत्र को प्रदेशभर के अधिवक्ताओं से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।

अधिवक्ताओं के लिए 15 बिंदुओं वाला दमदार घोषणापत्र

बलवंत शाही ने अधिवक्ताओं के हित में जो प्रमुख वादे किए हैं, उनमें सबसे महत्वपूर्ण है—

अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट को लागू कराना

अधिवक्ताओं पर फर्जी मुकदमों को समाप्त कराना

30 से 62 वर्ष तक के अधिवक्ताओं के लिए केंद्र सरकार द्वारा 1 करोड़ रुपए का अधिवक्ता कल्याण निधि के तौर पर दिया जाए
1से 10 वर्ष की प्रैक्टिस वाले युवा अधिवक्ताओ को 10,000 रूपए का मासिक स्टीफेंस दिया जाए

10 से 20 वर्ष की प्रैक्टिस वाले वकीलों को 20,000 रुपए मासिक भत्ता दिया जाए

गंभीर दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में अधिवक्ता को 50 लाख रुपए का बीमा पाॅलिसी कवर

वरिष्ठ अधिवक्ताओ के लिए 50,000 रुपए मासिक पेंशन सुविधा दिया जाए
उच्च न्यायालय, इलाहाबाद (प्रयागराज) के खण्डपीठ की स्थापना
अधिवक्ता भवनों में कैंटीन, शीतल जल, डॉक्टर व कर्मचारियों की नियुक्ति

महिला अधिवक्ताओं के लिए सुरक्षित वातावरण और महिला विश्राम कक्ष

युवा अधिवक्ताओं के लिए विशेष लोन सुविधा और बैरिस्टरशिप में सरकारी मदद
अधिवक्ता निर्वाचन क्षेत्र की मांग किया

इन तमाम प्रस्तावों ने अधिवक्ता समाज के बीच नई उम्मीद जगाई है।

अधिवक्ताओं की सुरक्षा और सम्मान पर मजबूत पकड़

पिछले कुछ समय से अधिवक्ताओं पर बढ़ते हमलों, उत्पीड़न और फर्जी मुकदमों पर बलवंत शाही ने कहा है कि यह अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उनके अनुसार—
“अधिवक्ता समाज न्याय व्यवस्था की रीढ़ है। जब तक वकील सुरक्षित नहीं होंगे, न्याय व्यवस्था मजबूत नहीं हो सकती।”

महिला वकीलों के लिए विशेष पहल

महिला अधिवक्ताओं के लिए अलग से कैंपस सुरक्षा, महिला हेल्पलाइन और वेलनेस रूम जैसे प्रस्तावों ने उनके घोषणापत्र को और प्रभावी बना दिया है। बार एसोसिएशनों में महिला अधिवक्ताओं ने इसकी विशेष सराहना की है।

युवा वकीलों में उत्साह“यह घोषणापत्र जमीनी हकीकत छूता है”

अधिवक्ता प्रैक्टिस की शुरुआती चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए शाही ने युवा वकीलों के लिए आसान ऋण, सरकारी सहायता व आधुनिक प्रशिक्षण की व्यवस्था का वादा किया है।

इससे युवा कानूनविद् काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं।

🌻समर्थन की अपील

बलवंत शाही ने अधिवक्ताओं से क्रम संख्या 76 पर मतदान कर उन्हें भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की है।
उन्होंने कहा है कि जीतने के बाद वह अधिवक्ता समाज की समस्याओं को उच्च न्यायालय इलाहाबाद/प्रयागराज तथा सरकार के सामने प्रखरता से उठाएंगे।

🌻बलवंत शाही का घोषणापत्र केवल चुनावी घोषणा नहीं, बल्कि अधिवक्ता समाज के लिए एक सशक्त रोडमैप है। सुरक्षा, सम्मान, सुविधा और आर्थिक सहयोग पर केंद्रित यह विज़न बार काउंसिल चुनाव में बड़ी भूमिका निभा सकता है।

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