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दिसंबर की रात चार लोगों ने मिलकर ज्ञानती देवी को बाल पकड़कर गिराया, दंपति को लात-घूंसों से पीटा — 112 पर कॉल के बाद पहुंची पुलिस
मेडिकल कराने पहुंचे तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ने कहा— “कहीं कटा-पीटा नहीं, मेडिकल नहीं होगा”; पीड़ित ने अधिकारियों से निष्पक्ष जांच व कार्रवाई की मांग उठाई
कुशीनगर/पडरौना। ग्राम चैति मुहरी, थाना सदर कोतवाली क्षेत्र में असर्फी यादव की दबंगई से ग्रामीण लंबे समय से त्रस्त हैं। ग्रामीण बताते हैं कि रोजाना शराब पीना, रात में बवाल काटना और सिंघासन यादव के दरवाजे पर खड़े होकर गाली-गलौज करना असर्फी की आदत बन गई है।
दंपति पर हमला — बाल नोचकर गिराया, बुरी तरह पीटा
पीड़ित परिवार के अनुसार 2 दिसंबर 2025 की रात लगभग 9 बजे असर्फी यादव पुत्र रामाज्ञा यादव अपने साथियों रामबली पुत्र मिठ्ठू, वीरेंद्र पुत्र रामबली तथा मालती देवी के साथ सिंघासन यादव के घर पहुंचा और बिना वजह झगड़ा शुरू कर दिया।
आरोप है कि विवाद बढ़ने पर चारों ने—
- ज्ञानती देवी के बाल नोचकर उन्हें कई बार जमीन पर गिराया,
- लात-घूंसे से ताबड़तोड़ हमला किया,
- और इस दौरान सिंघासन यादव की पीठ पर गंभीर चोटें आईं।
पीड़ितों ने तत्काल 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
मेडिकल कराने में लापरवाही? पीड़ित ने लगाए गंभीर आरोप
घटना के दो दिन बाद दंपति इलाज के लिए पडरौना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और मेडिकल परीक्षण की मांग की।
पीड़ित सिंघासन यादव का आरोप है कि विपक्षी पक्ष के प्रभाव और दबाव में मेडिकल स्टाफ ने यह कहकर मेडिकल करने से साफ इनकार कर दिया कि—
“कहीं कटा-पीटा नहीं है, मेडिकल नहीं होगा।”
जबकि—
- सिंघासन यादव की पीठ पर चोटों के निशान साफ दिखाई दे रहे थे,
- और ज्ञानती देवी के सिर में गंभीर आंतरिक चोटों की शिकायत थी।
पीड़ितों ने इसे मेडिकल प्रक्रिया में बड़ी अनियमितता और न्याय में बाधा बताया है।
पीड़ित की गुहार — निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
सिंघासन यादव ने कहा कि विपक्षी के प्रभाव के कारण मेडिकल नहीं किया गया।
दंपति ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि—
- आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो,
- मेडिकल रिपोर्ट की पुनः जांच कराई जाए,
- और परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।
रिपोर्ट — प्रीति त्रिपाठी, कुशीनगर