
ग्राम सभा कोहरवलिया में करोड़ों की योजनाओं पर सवाल: टिनशेड भवन का हिसाब गायब, बाउंड्रीवाल निर्माण पर भी अनियमितताओं के आरोप


कुशीनगर/पडरौना। जनपद कुशीनगर के पडरौना ब्लॉक के ग्राम सभा कोहरवलिया में सरकारी निर्माण कार्यों को लेकर बड़ा वित्तीय घोटाला और मानकहीन कार्य सामने आने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। मामला अन्नपूर्णा भवन, हनुमान मंदिर परिसर की बाउंड्रीवाल तथा उत्तर दिशा में बने एक टिनशेड भवन से जुड़ा है, जिसका लेखा-जोखा अब तक सार्वजनिक नहीं हुआ है।
अन्नपूर्णा भवन और मंदिर परिसर की बाउंड्रीवाल पर सवाल
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम प्रधान सुरेन्द्र गुप्ता के कार्यकाल में अन्नपूर्णा भवन और मंदिर परिसर की सुरक्षा के नाम पर बाउंड्रीवाल निर्माण कराया गया था। आरोप है कि—
- कार्य में मानक सामग्री का उपयोग नहीं किया गया,
- निर्माण की मोटाई व गुणवत्ता संदिग्ध है,
- और खर्च का पूरा विवरण पंचायत भवन में प्रदर्शित नहीं किया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाउंड्रीवाल निर्माण में मिट्टी भराव, गिट्टी, सीमेंट और ईंट तक मानक के अनुरूप नहीं दिखाई देतीं। कई ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण की तकनीकी जांच कराई जाए तो अनियमितता स्वतः सामने आ जाएगी।
सबसे बड़ा सवाल: टिनशेड भवन किस धन से बना?
अन्नपूर्णा भवन और हनुमान मंदिर परिसर के ठीक उत्तर सटे एक गेट और बाउंड्रीवाल टिनशेड भवन खड़ा किया गया है। ग्रामीण इसके निर्माण को लेकर सबसे अधिक संशय में हैं।
जनता के प्रमुख सवाल:
- यह बाउंड्रीवाल व टिनशेड किस योजना के अंतर्गत बना है?
- किस निधि से इसका भुगतान हुआ?
- ग्राम सभा की बैठक में इसका प्रस्ताव कब पास हुआ?
- और सबसे महत्वपूर्ण — इसका लेखा-जोखा रिकॉर्ड में क्यों नहीं है?
ग्राम सभा के कई लोगों ने बताया कि उन्होंने पंचायत भवन में संबंधित फाइलें और रजिस्टर देखना चाहा, लेकिन वहां बाउंड्रीवाल व टिनशेड निर्माण संबंधित कोई आधिकारिक प्रविष्टि नहीं मिली।
निजी लाभ का आरोप—ग्रामीणों में रोष
नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर एक वरिष्ठ ग्रामीण ने कहा—
“यह बाउंड्रीवाल व टिनशेड भवन पूरी तरह निजी हित में बनवाया गया है। ग्राम सभा की जमीन और सरकारी मद का दुरुपयोग हुआ है। इसके पीछे बड़ा खेल हो सकता है।”
ग्रामीणों का आरोप है कि पूरा निर्माण बिना किसी डर और बिना किसी जनसूचना के किया गया। लोगों को तब पता चला जब परिसर में टिनशेड तैयार खड़ा मिल गया।
बाबा कुबेरनाथ की नगरी में निर्माण की पारदर्शिता पर सवाल
कोहरवलिया गांव बाबा कुबेरनाथ के महत्त्वपूर्ण मंदिर परिसर के कारण धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है। ऐसे पवित्र स्थल पर योजनाओं में पारदर्शिता न होना ग्रामीणों को सबसे अधिक कचोट रहा है।
एक ग्रामीण बोले—
“यहां जो कार्य होना चाहिए वह पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। लेकिन यहाँ का हाल देखकर लगता है कि विकास कार्यों को निजी संपत्ति की तरह उपयोग किया जा रहा है।”
जांच की मांग तेज — डीपीआरओ, बीडीओ और जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील
ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से जिलाधिकारी कुशीनगर, डीपीआरओ और खंड विकास अधिकारी से मांग की है कि—
- टिनशेड निर्माण की निधि और मद की स्पष्ट जांच,
- बाउंड्रीवाल निर्माण की गुणवत्ता की तकनीकी जांच,
- ग्राम सभा के व्यय रजिस्टर की ऑडिट,
- और पूरे मामले की पारदर्शी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी भी दी है कि यदि जांच न हुई तो वे सामूहिक हस्ताक्षर अभियान चलाकर पूरे मामले की शिकायत लोकायुक्त, शासन और पंचायत राज निदेशालय को भी सौंपेंगे।