

तहसीलदार ने की जांच की पहल**
कुशीनगर। जंगल कुरमौल निवासी पुष्पा देवी पत्नी स्वर्गीय कन्हैया चौहान ने पैतृक संपत्ति के साथ-साथ अपने पति द्वारा खरीदी गई आबादी की जमीन पर भी कब्ज़ा कर लिए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने पडरौना तहसीलदार को प्रार्थना पत्र देकर न्याय और सुरक्षा की मांग की है।
22 हजार रुपये में लिखी गई आबादी की जमीन भी कब्ज़ाई गई—पीड़िता
पीड़िता ने बताया कि उनके पति स्व. कन्हैया चौहान ने गाँव के ही निवासी जगदीश चौहान से 22,000 रुपये में एक आबादी की जमीन खरीदी थी।
यह सौदा स्टाम्प पेपर पर किया गया था, जिसमें लेखक के रूप में ग्रामवासी रामजीत चौहान के हस्ताक्षर मौजूद हैं।
बिक्रेता जगदीश चौहान ने भी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर कर राशि प्राप्ति की पुष्टि की थी।
आरोप है कि पति की मृत्यु के बाद अब उसी खरीदी हुई जमीन पर सुबास चौहान दबंगई और सर्कसी के बल पर कब्ज़ा जमाए हुए हैं और परिवार को जमीन के उपयोग की अनुमति नहीं दे रहे हैं।
पीड़िता की खरीदी हुई जमीन पर दबंगई से कब्ज़ा, जान–माल की धमकी का आरोप

पैतृक जमीन का बंटवारा होने के बाद भी कब्ज़े का विवाद
पीड़िता के अनुसार, उनके पति कन्हैया चौहान और सुबास चौहान दोनों पैतृक संपत्ति में आधे-आधे हिस्सेदार हैं और जमीन का बंटवारा पहले ही हो चुका है, लेकिन उसके बावजूद उनके हिस्से पर अवैध कब्ज़े का प्रयास लगातार किया जा रहा है।
पीड़िता का आरोप – “जान से मारने की धमकी दी जा रही है”
पुष्पा देवी का कहना है कि जब भी वह विरोध करती हैं, उन्हें और उनके परिवार को जान–माल की धमकी दी जाती है, जिससे वह भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं।
पीड़िता ने कहा—
“हमारी खरीदी हुई जमीन भी छीन ली गई है। विरोध करने पर धमकाया जाता है। हमें न्याय चाहिए।”
तहसीलदार का पक्ष
पडरौना तहसीलदार ने मामले पर कहा—
“पीड़िता का प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है। जमीन से संबंधित विवाद की राजस्व स्तर पर जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट मिलते ही आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी पीड़ित को न्याय से वंचित नहीं होने दिया जाएगा।”