वरिष्ठ अधिवक्ता बलवंत शाही ने उठाई अधिवक्ताओं की आवाज — सरकार से 11 सूत्रीय मांग, कहा न्याय की रक्षा ही हमारा धर्म

गोरखपुर।
वरिष्ठ अधिवक्ता एवं बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश सदस्य पद प्रत्याशी बलवंत शाही ने कहा कि अधिवक्ता समाज न्याय व्यवस्था की रीढ़ हैं, और उनके अधिकारों की अनदेखी किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सरकार से अधिवक्ताओं के हित में 11 सूत्रीय मांगपत्र प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह मांगें सिर्फ वकालत पेशे से जुड़ी नहीं बल्कि न्याय प्रणाली के सम्मान और सशक्तिकरण से संबंधित हैं।
बलवंत शाही, जो पूर्व मंत्री बार एसोसिएशन सिविल कोर्ट गोरखपुर रह चुके हैं, ने कहा कि अधिवक्ता समाज की आवाज होते हैं और उनके सम्मान, स्वाभिमान व सुरक्षा की रक्षा के लिए हर मंच पर संघर्ष किया जाएगा।
उन्होंने कहा —
“मैं सेवा को राजनीति नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी मानता हूँ। अधिवक्ताओं के लिए न्याय, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना ही मेरा ध्येय है।”
बार काउंसिल चुनाव में बलवंत शाही को अधिवक्ताओं का व्यापक समर्थन मिल रहा है। उनके समर्थकों का कहना है कि वे हमेशा से अधिवक्ताओं की समस्याओं को प्राथमिकता पर रखते आए हैं।
मुख्य 11 सूत्रीय मांगें इस प्रकार हैं —
1️⃣ गोरखपुर में उच्च न्यायालय खंडपीठ की स्थापना शीघ्र की जाए, ताकि वादकारियों को न्याय हेतु इलाहाबाद या लखनऊ न भागना पड़े।
2️⃣ 30 वर्ष प्रैक्टिस या 62 वर्ष से अधिक उम्र के अधिवक्ताओं के खाते में सरकार ₹1 करोड़ की मानधन राशि भेजे।
3️⃣ 1 से 5 वर्ष प्रैक्टिस करने वाले युवा अधिवक्ताओं को ₹10,000 मासिक स्टाइपेंड दिया जाए।
4️⃣ 10 से 20 वर्ष प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं को ₹20,000 मासिक स्टाइपेंड दिया जाए।
5️⃣ दुर्घटना या गंभीर बीमारी की स्थिति में अधिवक्ताओं के लिए ₹50 लाख बीमा पॉलिसी लागू की जाए।
6️⃣ वरिष्ठ (बुजुर्ग) अधिवक्ताओं को ₹50,000 मासिक पेंशन सुनिश्चित की जाए।
7️⃣ प्रत्येक जनपद मुख्यालय पर अधिवक्ता विश्राम गृह एवं पुस्तकालय का निर्माण कराया जाए।
8️⃣ अधिवक्ताओं के लिए फ्री लीगल मेडिकल सहायता योजना लागू हो।
9️⃣ प्रत्येक अधिवक्ता को राज्य स्तर पर पहचान पत्र व सुरक्षा बीमा कार्ड जारी किया जाए।
10️⃣ महिला अधिवक्ताओं के लिए विशेष वेलफेयर फंड और सेफ्टी हेल्पलाइन बनाई जाए।
11️⃣ अधिवक्ता कल्याण कोष में सरकारी अनुदान की नियमित वृद्धि सुनिश्चित
अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट मै बार काउंसिल का सदस्य बनने के 6 माह के भीतर सरकार से लागू कराऊंगा।
बलवंत शाही ने कहा कि वह अधिवक्ता परिवार को सम्मान दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगे और यदि अधिवक्तागण उन्हें अपना प्रथम (1) वरीयता का मत देंगे, तो वे भारी मतों से विजयी होकर अधिवक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करेंगे।