📍 स्थान – चौरी-चौरा, गोरखपुर (उत्तर प्रदेश)
✍️ रिपोर्ट – के. एन. साहनी
🚦 घंटों जाम से जूझता चौरी-चौरा जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर जनता नाराज़
क्रांतिकारी धरती पर अब सड़क जाम बना रोज़ का संघर्ष, ग्रामीणों ने अंडरपास की रखी मांग
चौरी-चौरा, गोरखपुर।

देश की आज़ादी के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज क्रांतिकारी स्थल चौरी-चौरा आज गंभीर यातायात जाम की समस्या से जूझ रहा है। मुख्य रेलवे क्रॉसिंग पर हर घंटे ट्रेनों के आवागमन के कारण एक-एक घंटे तक जाम लगना आम बात हो गई है। इस दौरान आमजन, स्कूली बच्चे, मरीज और बुजुर्ग तक घंटों फंसे रहते हैं।
स्थानीय नागरिकों — डी. एन. द्विवेदी (बनसहिया), टीटू बाबा (पोखरभीड़ा), डॉ. चन्द्रकला साहनी (चौरी-चौरा), महेन्द्र प्रसाद (डुंडी) और रामनरेश (बाल बुजुर्ग) — ने बताया कि
“रेलवे की सुविधा देशहित और जनहित में बहुत अच्छी है, लेकिन लगातार जाम से लोगों का जीवन कठिन हो गया है। बाल बुजुर्ग, डुंडी, बनसहिया और पोखरभीड़ा के लोगों ने अंडरपास निर्माण की मांग की है ताकि आवागमन सुचारू हो सके।”
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गंभीर समस्या पर सांसद और विधायक ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया, जिससे जनता में नाराज़गी बढ़ रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
इतिहास में क्रांति की भूमि के रूप में जानी जाने वाली यह पवित्र धरती आज बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रही है। लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि शीघ्र अंडरपास या ओवरब्रिज का निर्माण कराया जाए, ताकि चौरी-चौरा की गरिमा बनी रहे और जनता को राहत मिल सके।
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