नाबालिग लड़की को भगाने वाला आरोपी अब भी फरार, 11 दिन बाद भी खाली हाथ पुलिस, पीड़िता की मां ने एसपी से लगाई गुहार
रिपोर्ट: कुशीनगर ब्यूरो, नेबुआ नौरंगिया।
जनपद कुशीनगर के थाना नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चखनी भूमिहारी पट्टी में एक नाबालिग लड़की को भगाने का मामला सामने आया है, जिसमें अब तक ग्यारह दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है और न ही पीड़िता को बरामद किया गया है। पीड़िता की मां न्याय के लिए पुलिस अधीक्षक कुशीनगर श्री संतोष मिश्रा से मिलकर गुहार लगा चुकी हैं।
मामले की पृष्ठभूमि
प्राप्त जानकारी के अनुसार, निशा (काल्पनिक नाम), उम्र लगभग 16 वर्ष, पुत्री अजय कुमार, निवासी चखनी भूमिहारी पट्टी, को 20 जुलाई 2025 को गांव के ही अजय पासवान पुत्र बुधई पासवान बहला-फुसलाकर भगा ले गया। 21 जुलाई को मुकदमाँ दर्ज हुआ अजय पासवान लंबे समय से बाहर रहकर काम करता है और कुछ दिन पहले ही अपने गांव लौटा था। घर लौटने के बाद, उसने कथित रूप से अपनी बहन की मदद से नाबालिग लड़की को भगाने की साजिश रची और सफलतापूर्वक उसे घर से गायब कर दिया।
मुकदमा दर्ज लेकिन कार्रवाई धीमी
पीड़िता की मां निर्मला देवी पत्नी अरुण ने घटना के बाद तुरंत थाना नेबुआ नौरंगिया में तहरीर दी, जिसके आधार पर 21 जुलाई को आईपीसी और बाल संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। परंतु घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी ना तो लड़की की कोई सूचना है, ना ही आरोपी की गिरफ्तारी हो सकी है।
जांच अधिकारी का बयान
मामले के विवेचक उपनिरीक्षक मनीष कुमार ने बताया कि,
“हम आरोपी अजय पासवान की मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल (सीडीआर) निकलवा रहे हैं। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। उम्मीद है कि एक सप्ताह के भीतर लड़की की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी हो जाएगी।”
पुलिस कप्तान से की गुहार
अपनी बेटी की सुरक्षा को लेकर चिंतित मां निर्मला देवी ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक संतोष मिश्रा से मुलाकात की। वे अपनी बेटी की तस्वीर और मुकदमे की प्रति लेकर रोती-बिलखती एसपी कार्यालय पहुंचीं और कहा:
“मुझे मेरी बेटी वापस चाहिए, और जिसने मेरी बेटी को भगाया है, उसे जेल भेजा जाए। जब पुलिस इतनी बड़ी शक्ति होते हुए भी बेटी को नहीं ढूंढ पा रही, तो हम आम लोगों को किससे न्याय मिलेगा?”
ग्रामीणों में गहरा असंतोष
गांव में इस घटना को लेकर गहरा असंतोष और आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस शुरुआत में गंभीरता दिखाती तो अब तक आरोपी पकड़ा जा चुका होता और लड़की वापस आ गई होती। कई लोगों ने आशंका जताई कि आरोपी लड़की को कहीं दूर बेच भी सकता है, इसलिए तत्काल कार्रवाई जरूरी है।
न्याय की आस में बैठा परिवार
इस घटना के बाद से पीड़िता का परिवार सदमे में है। मां की आंखों में नींद नहीं और पिता अरुण कुमार की तबीयत बिगड़ रही है। परिवार को अब भी पुलिस प्रशासन से उम्मीद है कि उनकी बेटी को सही-सलामत घर लाया जाएगा और आरोपी को कानून के अनुसार सजा मिलेगी।


पीड़िता निर्मला देवी चखनी भूमिहारी पट्टी