
डिजिटल न्यायिक सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल
रिपोर्ट: के.एन. साहनी, कुशीनगर
कुशीनगर, पडरौना।
डिजिटल युग में न्याय को अधिक सुलभ, पारदर्शी और तेज़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, शुक्रवार को जिला न्यायालय कुशीनगर परिसर में ई-सेवा केंद्र का विधिवत उद्घाटन माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश के कर-कमलों द्वारा किया गया। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, बार एसोसिएशन पदाधिकारियों, न्यायालय कर्मचारियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।
सुप्रीम कोर्ट एवं इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देशों की पृष्ठभूमि
यह ई-सेवा केंद्र भारत के सर्वोच्च न्यायालय एवं संबंधित उच्च न्यायालयों के उस निर्देश का हिस्सा है, जिसके तहत देशभर की अदालतों में न्यायिक डिजिटल ढांचे को सशक्त किया जा रहा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा जनपद न्यायालयों को डिजिटल सुविधा से लैस करने का अभियान वर्तमान न्याय व्यवस्था को तकनीकी रूप से समृद्ध बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
यह पहल डिजिटल इंडिया मिशन के तहत न्यायपालिका के आधुनिकीकरण की दिशा में मील का पत्थर मानी जा रही है, जिससे आमजन को अदालतों की लंबी प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी।
ई-सेवा केंद्र क्या है और क्यों ज़रूरी है?
ई-सेवा केंद्र, एक ऐसा सुविधा केंद्र है जहाँ वादकारियों, अधिवक्ताओं व आम नागरिकों को न्याय से जुड़ी तमाम डिजिटल सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाती हैं। ये सेवाएं या तो मुफ्त हैं या अत्यंत न्यूनतम शुल्क पर दी जाती हैं, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग भी लाभान्वित हो सके।
यहाँ मिलने वाली प्रमुख सुविधाएँ:
मुकदमों की स्थिति (Case Status) जानना
ई-फाइलिंग की सुविधा
न्यायालय के आदेशों की प्रति प्राप्त करना
कॉज लिस्ट देखना
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (जहाँ लागू हो)
कोर्ट फीस एवं अन्य शुल्क का ऑनलाइन भुगतान
अन्य अदालतों की जानकारी
माननीय जिला जज का वक्तव्य
शुभारंभ अवसर पर जिला जज महोदय ने कहा:
“न्याय सबके लिए सुलभ हो, यह हमारे संविधान का लक्ष्य है। ई-सेवा केंद्र के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले वादकारियों को बड़ी राहत मिलेगी। अब उन्हें कोर्ट परिसर में भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे यहां पर सीधे जाकर जानकारी ले सकेंगे, आवेदन कर सकेंगे और समय व पैसे दोनों की बचत होगी।”
बार एसोसिएशन की सराहना
इस पहल की सराहना बार एसोसिएशन अध्यक्ष मिथिलेश दीक्षित, पूर्व अध्यक्ष बुद्धेश मणि त्रिपाठी, पूर्व अध्यक्ष महंत रामगोपाल दास, रामानंद प्रसाद कश्यप, कृष्ण कुमार निषाद, त्रिपुरारी मिश्रा, सीता सिंह, लक्ष्मण पाठक, बृजेश राव, महेन्द्र गोविन्द राव सहित अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने की।
उनका कहना था कि यह ई-सेवा केंद्र न केवल न्यायिक प्रक्रियाओं को पारदर्शी और तेज़ बनाएगा, बल्कि नवोदित वादकारियों और अधिवक्ताओं के लिए मार्गदर्शन का केन्द्र भी साबित होगा।
संचालन समय और व्यवस्था
ई-सेवा केंद्र सप्ताह के सभी न्यायिक कार्यदिवसों में सुबह 10 बजे से अपराह्न 5 बजे तक खुलेगा। इसका संचालन प्रशिक्षित कर्मियों द्वारा किया जाएगा, जो नागरिकों की मदद करेंगे और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराएंगे।
न्याय तक डिजिटल पहुंच की दिशा में एक ठोस कदम
कुशीनगर जिला न्यायालय में स्थापित यह ई-सेवा केंद्र निश्चित रूप से न्यायपालिका में डिजिटल पारदर्शिता और दक्षता की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। यह केंद्र न केवल न्यायिक सेवाओं को आमजन तक पहुंचाएगा, बल्कि न्याय को समयबद्ध, सुलभ और किफायती भी बनाएगा।
रिपोर्ट: के.एन. साहनी
स्थान: जिला न्यायालय परिसर, कुशीनगर
“आपके अधिकार, आपकी जानकारी — डिजिटल युग में न्याय की नई परिभाषा”