जानकी नगर मे जल जमाव और गंदगी से आम जनता परेशान


“सांसद-विधायक को चाहिए सिर्फ वोट, जनता की पीड़ा से नहीं कोई सरोकार!”

जानकीनगर चौराहा बना जलभराव और गंदगी का केंद्र, विकास के दावों की खुली पोल
रिपोर्ट: के.एन. साहनी, कुशीनगर

कुशीनगर।
“विकास हुआ है” — यह दावा जनप्रतिनिधि मंच से करते हैं, लेकिन धरातल पर हकीकत इससे बिल्कुल विपरीत है। जिला मुख्यालय से महज कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित जानकीनगर चौराहा, जिसे क्षेत्रीय लोग “जगती की मशीन” के नाम से भी जानते हैं, आज गंदगी, जलभराव और प्रशासनिक अनदेखी का शिकार है।

जानकीनगर शराब भट्ठी मार्ग

यह वही मार्ग है जिससे होकर प्रतिदिन जिला जज, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी गुजरते हैं। बावजूद इसके, इस इलाके की दशा वर्षों से नहीं बदली। सड़कें गड्ढों में तब्दील, नालियों का पानी सड़क पर और राहगीर हर रोज़ किसी मुसीबत का सामना करते हैं।


बड़ी गाड़ियां और कीचड़ में डूबती जनता

इस मार्ग पर जमा गंदे पानी से होकर जब कोई चारपहिया वाहन तेज गति से निकलता है, तो आसपास चल रहे लोग पूरी तरह भीग जाते हैं। स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसा प्रतीत होता है मानो यह चौराहा नहीं, कीचड़ का तालाब बन गया हो।


जनता सवाल कर रही है — “क्या हमें सिर्फ वोट देने के लिए याद किया जाता है?”

जानकीनगर के निवासी केशव प्रताप सिंह, बलराम सिंह, बृजेश सिंह, डॉ. सूर्यभान मिश्रा, नरेश गुप्ता, चंदन गुप्ता, आनंद सिंह, राजेश सिंह समेत तमाम लोगों ने ज़िला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द जल निकासी, सड़क निर्माण और नियमित सफाई की मांग की है।

स्थानीय नागरिकों का सीधा आरोप है — “सांसद और विधायक को सिर्फ चुनाव के समय हमारी याद आती है। जब वोट चाहिए होता है, तब तो गली-गली आते हैं, लेकिन जब जनता परेशान है तो कोई पूछने वाला नहीं।”

बलराम सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा:

“जनप्रतिनिधियों को जनता की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है। बस वोट चाहिए। विकास का असली चेहरा जानकीनगर की सड़कों पर बहते गंदे पानी में साफ दिखता है।”


विकास के दावों की जमीनी हकीकत

यह दुर्भाग्य की बात है कि जिस मार्ग से प्रशासनिक अमला प्रतिदिन गुजरता है, उसी मार्ग पर जनता कीचड़ और गंदगी में फिसल रही है। यह सवाल खड़ा करता है कि जब वीआईपी मार्ग की यह हालत है, तो बाकी गांवों का क्या हाल होगा?


जनता की सीधी मांग — “हमें सिर्फ वादे नहीं, समाधान चाहिए”

लोगों का कहना है कि अब चुनाव में भावनाओं पर नहीं, हकीकत पर वोट मिलेगा। जब तक मूलभूत सुविधाएं — जलनिकासी, पक्की सड़क, स्वच्छता और सुरक्षा नहीं मिलती, तब तक नेता चाहे जितने वादे करें, जनता अब उन्हें परखना सीख चुकी है।


अब जनता पूछेगी — क्या विकास सिर्फ पोस्टरों और बैनरों में होता है?

जानकीनगर चौराहा आज एक प्रतीक है — जनता की चुप्पी, प्रशासन की अनदेखी और जनप्रतिनिधियों की दूरी का। अब समय आ गया है कि जनता सवाल पूछे, जवाब मांगे और अपने अधिकारों की आवाज़ बुलंद करे।


📌 रिपोर्ट: के.एन. साहनी
📍 स्थान: जानकीनगर, कुशीनगर
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