संविधान और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर मुखर हुए मुकेश साहनी, बोले ‘जितनी आबादी, उतनी हिस्सेदारी’
के.एन.साहनी | संपादक
कुशीनगर। बिहार के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वीआईपी (VIP) पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश साहनी अपने रात्रि प्रवास अभियान के माध्यम से उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। इस अभियान के दौरान वे जिला मुख्यालयों पर अपने समर्थकों एवं समाज के लोगों से संवाद कर सामाजिक न्याय, संवैधानिक अधिकारों और भागीदारी के मुद्दों को प्रमुखता से उठा रहे हैं।
मुकेश साहनी ने अपने संबोधन में कहा कि देश का संविधान प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार देता है और सभी को संविधान की मर्यादा के भीतर रहकर न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कहीं कानून का दुरुपयोग हो रहा है या किसी वर्ग के साथ अन्याय किया जा रहा है, तो उसके विरुद्ध लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आवाज उठाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि पिछड़े, वंचित और गरीब समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना होगा। उनका कहना था कि यदि अधिकार मांगने पर भी नहीं मिलते हैं, तो संविधान और कानून के दायरे में रहकर लोकतांत्रिक संघर्ष करना हर नागरिक का अधिकार है।
जातीय जनगणना के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि “जितनी आबादी, उतनी हिस्सेदारी” का सिद्धांत सामाजिक न्याय की बुनियाद है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि जातीय जनगणना कराई जाती है तो वास्तविक सामाजिक और आर्थिक स्थिति सामने आएगी, जिससे सभी वर्गों को उनकी आबादी के अनुरूप प्रतिनिधित्व और अवसर सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
मुकेश साहनी ने कहा कि उनका रात्रि प्रवास अभियान केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी समस्याओं को समझने और उसे उसके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि वीआईपी पार्टी संविधान की मर्यादा में रहकर कार्य करेगी और कानून का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी।
उन्होंने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि देश में संविधान का सम्मान सर्वोपरि रहना चाहिए और न्याय, समानता तथा सामाजिक भागीदारी ही लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति है।
“मुकेश साहनी का स्पष्ट संदेश — संविधान का सम्मान, सामाजिक न्याय का अधिकार और हर वर्ग को समान भागीदारी।”