ओम पत्रिका न्यूज, कुशीनगर।


जनपद कुशीनगर में ग्रामीण युवकों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर युवक को थाना रविन्द्रनगर धूस पुलिस ने गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। अभियुक्त खुद को फर्जी IFS अधिकारी बताकर सरकारी विभागों में प्रभाव दिखाता था और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे लोगों को गुमराह कर उनसे धन उगाही करता था। इस सराहनीय कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने थाना प्रभारी ओमप्रकाश तिवारी को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चल रहे अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा और क्षेत्राधिकारी सदर डॉ. अजय कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में थाना रविन्द्रनगर धूस पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति खुद को उच्च अधिकारी बताकर ग्रामीण क्षेत्रों के युवकों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दे रहा है और उनसे मोटी रकम वसूल रहा है।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 08 मार्च 2026 को अभियुक्त पवन चौहान पुत्र रामबदन चौहान निवासी अवरवा थाना कोतवाली हाटा जनपद कुशीनगर को गिरफ्तार कर लिया।
फर्जी दस्तावेज और उपकरण बरामद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और उपकरण बरामद किए। इनमें एक फर्जी आईडेंटिटी कार्ड, दो कूटरचित आधार कार्ड, एक निर्वाचन पहचान पत्र, पांच एटीएम कार्ड, तीन मोहरें, एक इंकपैड, एक इलिमिनेट मशीन, एक डायरी, दो मोबाइल फोन (रेडमी और लावा) तथा दो प्रोटोकॉल पेपर शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि इन दस्तावेजों और उपकरणों का इस्तेमाल कर अभियुक्त विभिन्न सरकारी विभागों में अपनी फर्जी पहचान बनाकर लोगों को भ्रमित करता था।
पूछताछ में सामने आई ठगी की कहानी
पुलिस पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वह खुद को IFS अधिकारी बताकर एक फर्जी पहचान पत्र तैयार करता था और उसी के आधार पर कूटरचित प्रोटोकॉल पत्र बनाकर विभिन्न सरकारी कार्यालयों में ई-मेल के माध्यम से भेजता था। इससे वह अधिकारियों के बीच अपनी पहचान और प्रभाव का भ्रम पैदा करता था। इसी आधार पर वह ग्रामीण क्षेत्रों के युवकों को सरकारी नौकरी, प्रमोशन या अन्य सरकारी लाभ दिलाने का भरोसा देकर उनसे पैसे वसूलता था।
पुलिस के अनुसार अभियुक्त लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों में शामिल था और भोले-भाले ग्रामीण युवकों को अपना शिकार बनाता था। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस धोखाधड़ी में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति या गिरोह तो शामिल नहीं है।
दर्ज हुआ मुकदमा
इस मामले में थाना रविन्द्रनगर धूस में मु0अ0सं0 033/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस टीम को मिली सराहना
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक ओमप्रकाश तिवारी के नेतृत्व में स्वाट टीम प्रभारी आशुतोष सिंह, सर्विलांस सेल प्रभारी उपनिरीक्षक शन्नी दूबे, उपनिरीक्षक राहुल कुमार राय, उपनिरीक्षक महेन्द्र कुमार यादव सहित थाना रविन्द्रनगर धूस और स्वाट टीम के कई पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने पूरी टीम की सराहना करते हुए प्रभारी निरीक्षक को पुरस्कार देने की घोषणा की है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा नौकरी दिलाने या सरकारी लाभ दिलाने के नाम पर पैसे मांगे जाने पर सतर्क रहें और तुरंत पुलिस को सूचना दें। पुलिस का कहना है कि इस तरह के फर्जी अधिकारियों और ठगों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
निष्कर्ष:
थाना रविन्द्रनगर धूस पुलिस की इस कार्रवाई से एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। इससे यह भी स्पष्ट हुआ है कि सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह ग्रामीण क्षेत्रों को निशाना बना रहे हैं, इसलिए लोगों को जागरूक और सतर्क रहने की जरूरत है।