राष्ट्रपति को डॉ. संपूर्णानन्द मल्ल का तीखा पत्र
“स्टॉप वार, स्टॉप जीनोसाइड, मेक पीस पृथ्वी युद्ध रहित करिए”

लखनऊ/नई दिल्ली।
पूर्वांचल गांधी के नाम से बिख्यात सामाजिक चिंतक डॉ.संपूर्णानन्द मल्ल ने देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक भावनात्मक एवं तीखा पत्र भेजकर वैश्विक युद्ध पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
अपने पत्र में उन्होंने स्पष्ट लिखा —
“स्टॉप वार, स्टॉप जीनोसाइड, मेक पीस। युद्ध रहित पृथ्वी बनाइए।”🌍 तीसरे विश्व युद्ध की आशंका पर चिंता
डॉ. मल्ल ने पत्र में कहा कि दुनिया तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर खड़ी है। भारत को बुद्ध और गांधी की धरती बताते हुए उन्होंने कहा कि ‘सत्य’ और ‘अहिंसा’ ही वह नैतिक शक्ति है जिससे विश्व में शांति स्थापित की जा सकती है।
उन्होंने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि भारत को तत्काल “पीस एक्सपीडिशन” भेजना चाहिए और शांति स्थापना में निर्णायक भूमिका निभानी चाहिए।
🕌 4–5 मार्च को बड़ा इमामबाड़ा में प्रार्थना डॉ. मल्ल ने जानकारी दी कि 4 और 5 मार्च को लखनऊ स्थित बड़ा इमामबाड़ा में “पृथ्वी युद्ध रहित” संदेश के साथ प्रार्थना कार्यक्रम प्रस्तावित है।
उन्होंने यह भी कहा कि इमामबाड़े के बाहर पुलिस तैनाती और प्रवेश पर रोक की सूचना चिंताजनक है। उन्होंने सवाल उठाया कि गांधी और भगत सिंह की धरती पर शांति संदेश देने वालों को रोका जाना उचित है या नहीं।
🌎 वैश्विक नेताओं पर उठाए सवाल
पत्र में डॉ. मल्ल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि भारत को युद्ध समर्थक कूटनीति से दूर रहकर शांति की दिशा में पहल करनी चाहिए।
उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का उल्लेख करते हुए प्रश्न किया कि क्या सत्ता तक पहुंचने के लिए परमाणु हथियार आवश्यक थे?
साथ ही ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के संदर्भ में भी उन्होंने युद्ध और हिंसा की निंदा की।“खून रहित हथियार खून का प्यासा क्यों?”
डॉ. मल्ल ने पत्र में भावुक शब्दों में लिखा:
“क्या युद्ध और हथियार मां के पेट से पैदा होते हैं? यदि नहीं, तो बुद्ध और गांधी के सत्य-अहिंसा से पृथ्वी को युद्ध रहित कर दीजिए।”📩 किन्हें भेजी गई प्रति?
यह पत्र राष्ट्रपति के साथ-साथ प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को भी प्रेषित किया गया है।
डॉ. संपूर्णानन्द मल्ल ने अंत में कहा
“देर मत करिए, जीवन बचाइए। पृथ्वी को युद्ध रहित करिए।”

( टीम ओम पत्रिका लखनऊ)