होली पर आंखों की सुरक्षा को लेकर नेत्र सर्जनों की विशेष अपील,

कुशीनगर। खेतों और झाड़ियों में काम करने वाले किसान, महिलाएं एवं मजदूर अक्सर ऐसी स्थिति का सामना करते हैं जब झाड़ के पत्ते, धूल या खर-पतवार उड़कर आंखों में चले जाते हैं। ऐसी परिस्थिति में स्वयं बाजार से दवा खरीदकर प्रयोग करना आंखों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
यह महत्वपूर्ण सलाह नेत्र सर्जन डॉ. के.डी. सिंह एवं डॉ. आशीष कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से दी। उन्होंने कहा कि आंखें हमारे जीवन का उजाला हैं, इसलिए किसी भी प्रकार की समस्या होने पर सीधे विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सक को दिखाना चाहिए। बिना परामर्श के आई ड्रॉप या दवा का प्रयोग आंखों को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है।
डॉक्टरों ने विशेष रूप से होली पर्व के अवसर पर सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि होली में धूल, अबीर-गुलाल और केमिकल युक्त रंगों का प्रयोग किया जाता है, जो आंखों के लिए हानिकारक हो सकते हैं। रंग खेलते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि रंग और केमिकल आंखों एवं चेहरे में न जाएं।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी समझें और सुरक्षित, प्राकृतिक रंगों का ही प्रयोग करें।
नेत्र विशेषज्ञों ने कहा कि यदि आंखों में जलन, लालिमा, सूजन या धुंधलापन महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, स्वयं इलाज करने की गलती न करें।
रिपोर्ट: के. एन. साहनी
ओम पत्रिका न्यूज, उत्तर प्रदेश