2026 में आई जागृति गाँव ने रचा विकास का नया इतिहास,
सड़क, बिजली और दुर्गा मंदिर निर्माण बना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय



कुशीनगर जनपद के जागृति गाँव में वर्ष 2026 विकास, आस्था और जनएकता के स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। वर्षों से उबड़-खाबड़ और टूटी-बिखरी ईंटों वाली खतरनाक सड़क पर चलना ग्रामीणों के लिए किसी परीक्षा से कम नहीं था। बारिश के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते थे। पैदल चलना हो या बाइक से गुजरना—हर कदम जोखिम से भरा रहता था।
लेकिन अब वह दौर बीते समय की बात हो चुका है।
🚧 आरसीसी सड़क से बदली तस्वीर
जिला पंचायत अध्यक्ष प्रदीप कुमार जायसवाल के विशेष प्रयासों से गाँव की जर्जर सड़क का आधुनिक आरसीसी निर्माण कराया गया। यह कार्य न केवल आधारभूत सुविधा का विस्तार है, बल्कि ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में बड़ा सुधार भी है।
इस सड़क के बन जाने से सरकारी विद्यालय तक जाने वाले बच्चों, जानकीनगर मार्ग से आने-जाने वाले राहगीरों और किसानों को खेतों तक पहुँचने में बड़ी राहत मिली है। ग्रामीणों ने इसे “नर्क जैसी स्थिति से मुक्ति” बताया है।
कार्य की देखरेख में पूर्व ग्राम प्रधान श्री सुधीर कुमार सिंह एवं श्री यशवंत कुमार सिंह की सक्रिय भूमिका रही, जिनके सहयोग और सतत निगरानी से यह महत्वपूर्ण परियोजना समय पर पूर्ण हुई।
🛕 माँ दुर्गा मंदिर का ऐतिहासिक जीर्णोद्धार
सड़क निर्माण के साथ-साथ गाँव में आस्था का भी पुनर्जागरण हुआ। आजादी के बाद से उपेक्षित पड़े माँ दुर्गा मंदिर का ग्रामीणों के सहयोग से भव्य जीर्णोद्धार कराया गया।
श्री पंकज कुमार सिंह “गुल्लु” बाबू के नेतृत्व में मंदिर का पुनर्निर्माण कार्य पूरा हुआ और हाल ही में मंदिर की छत डालकर निर्माण को अंतिम रूप दिया गया। अब मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि गाँव की एकता और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बन गया है।
💡 शिव मंदिर तक पहुँची रोशनी
गाँव से पोखरे तक स्थित शिव मंदिर एवं अन्य देवी-देवताओं के मंदिरों तक बिजली पहुँचाने का कार्य भी सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया। वर्षों से अंधेरे में डूबे धार्मिक स्थलों पर अब रोशनी जगमगा रही है। इससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और संतोष का वातावरण है।
ग्रामीणों का कहना है कि “भक्ति में शक्ति” का साकार रूप आज जागृति गाँव में देखने को मिल रहा है।
🌟 विकास और जनसहयोग की मिसाल
2026 में सड़क, बिजली और दुर्गा मंदिर निर्माण जैसे कार्यों ने जागृति गाँव को पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है। यह परिवर्तन इस बात का प्रमाण है कि जब जनप्रतिनिधियों की इच्छाशक्ति और ग्रामीणों का सहयोग एक साथ हो, तो असंभव भी संभव हो जाता है।
अब जागृति गाँव विकास, आस्था और सामूहिक प्रयास की ऐसी मिसाल बन चुका है, जो आने वाले समय में अन्य गाँवों के लिए प्रेरणा स्रोत सिद्ध होगा। इस अवसर पर