
पडरौना (कुशीनगर)।
कुछ ही वर्षों में नगर पंचायत बनने की कगार पर खड़ा शिवपुर बाजार आज बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। शिवपुर बुजुर्ग चौराहे से होते हुए ग्राम पंचायत शिवपुर की यह मुख्य सड़क कई गांवों को जोड़ती है, लेकिन सड़क की हालत इतनी खस्ताहाल है कि बारिश के मौसम में यह जानलेवा बन जाती है।
शिवपुर से अर्जुनहां, कुबेरस्थान, मोतीलालहां होते हुए सखवनिया और सपहा जैसे गांवों तक जाने वाली यह सड़क क्षेत्रीय आवाजाही का मुख्य मार्ग है। मगर जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण हल्की बारिश में ही सड़क पर पानी भर जाता है और मिट्टी कीचड़ में तब्दील हो जाती है। इससे राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, खासकर बच्चों, वृद्धों और दोपहिया वाहन चालकों को।
ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क की स्थिति को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हैरानी की बात यह है कि पंचायत भवन महज कुछ मीटर की दूरी पर है और जब अधिकारी दौरे पर आते हैं, तो यह खराब सड़क उनकी नजरों से बच नहीं सकती।
“सरकार गड्ढा मुक्त अभियान की बात करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर है,” — यह कहना है ग्रामीण निवासी रमेश यादव का, जो हर दिन इसी रास्ते से होकर खेत जाते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र सड़क मरम्मत नहीं हुई तो मजबूरन उन्हें धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
अब सवाल यह उठता है कि जब यह इलाका नगर पंचायत बनने की तैयारी में है, तो फिर विकास के बुनियादी कामों से इसे वंचित क्यों रखा जा रहा है?
🛑 क्या शिवपुर की सड़कें फिर बनेंगी सुर्खियाँ, या यूँ ही धूल-कीचड़ में सिमट जाएगा विकास का सपना?
📞 संपर्क: के. एन. साहनी /भीम मद्धेशिया कुशीनगर