
नई बिल्डिंग में आधुनिक पंजीयन काउंटर मरीजों की पहली परेशानी खत्म


कुशीनगर। जिला मुख्यालय स्थित डिस्ट्रिक्ट मेडिकल कॉलेज कुशीनगर अब अपनी पहचान तेजी से बदल रहा है। सरकार द्वारा योग्य और अनुभवी डॉक्टरों की तैनाती तथा प्रिंसिपल डॉ. आर.के. शाही की कड़े अनुशासन वाली कार्यशैली के चलते अस्पताल में आने वाले मरीजों को अब पहले से बेहतर सुविधाएँ मिलने लगी हैं।
⭐ नई बिल्डिंग में आधुनिक पंजीयन काउंटर — मरीजों की पहली परेशानी खत्म
हॉस्पिटल परिसर को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के तहत पंजीयन काउंटर को पहले की अव्यवस्थित जगह से हटाकर नई, साफ-सुथरी व विशाल बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया है।
अब बाहर से आने वाले मरीजों को पर्ची बनवाने में लंबी कतारें और धक्का-मुक्की जैसी समस्याएँ नहीं हो रही हैं।
⭐ डॉक्टरों की समय पर ओपीडी — बायोमेट्रिक से सख्त निगरानी
डॉ.शाही की निगरानी में डॉक्टरों की उपस्थिति व्यवस्था और मजबूत हुई है।
सभी चिकित्सक निर्धारित समय पर बायोमेट्रिक से उपस्थिति दर्ज कर सीधे ओपीडी में पहुँचकर मरीजों की सेवा में लग जाते हैं।
मरीजों की संख्या बढ़ने के बावजूद ओपीडी सुचारु चल रही है, जो प्रशासन की सक्रियता का संकेत है।
⭐ इमरजेंसी में अनावश्यक भीड़ बनी बड़ी चुनौती — जनसहयोग अनिवार्य
इमरजेंसी क्षेत्र में इलाज कराने आए वास्तविक मरीजों के साथ कई अनावश्यक लोग भीड़ बढ़ा देते हैं, जिससे गंभीर मरीजों की स्थिति संभालने में बाधा आती है।
सिक्योरिटी द्वारा हटाए जाने पर कई लोग तर्क-वितर्क करने लगते हैं।
इस पर डॉ. शाही का स्पष्ट कहना है—
“इमरजेंसी कोई तमाशा देखने की जगह नहीं है। रोगी की जान बचाने के लिए शांति और अनुशासन अनिवार्य है। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज की तरह यहाँ भी पुलिस व्यवस्था लागू की जाएगी।”
⭐ बेवजह रेफर नहीं — क्रिटिकल मरीज ही भेजे जाते हैं
मरीजों को रेफर किए जाने पर उठते सवालों का जवाब देते हुए प्रिंसिपल शाही ने कहा—
“अभी सभी सुपर-स्पेशियलिटी सुविधाएँ 100% उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए केवल वही मरीज रेफर होते हैं जिनकी क्रिटिकल स्थिति यहाँ सम्भव उपचार से बाहर होती है। अनावश्यक रेफर की कोई गुंजाइश नहीं है।”
⭐ आधुनिक जांचें पूरी तरह निःशुल्क
मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध प्रमुख फ्री टेस्ट—
- खून की जांच
- मूत्र परीक्षण
- मल परीक्षण
- बलगम
- अन्य पैथोलॉजी टेस्ट
वहीं ये सभी आधुनिक सुविधाएँ भी उपलब्ध—
- अल्ट्रासाउंड
- सीटी स्कैन
- आईसीयू सेवाएँ
- ऑपरेशन थिएटर
- ट्रॉमा केयर व्यवस्था
- 24×7 इमरजेंसी
⭐ हॉस्पिटल को उत्कृष्ट बनाने की दिशा में तेज़ी — डॉ. शाही की दूरदर्शिता
डॉ.आर.के. शाही का मानना है कि मेडिकल कॉलेज को प्रदेश के बेहतरीन संस्थानों में शामिल करने के लिए अभी कई स्तरों पर कार्य चल रहा है।
इंफ्रास्ट्रक्चर, साफ-सफाई, सुरक्षा, टेक्नोलॉजी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना उनकी प्राथमिक सूची में शामिल है।
उन्होंने जनता से अपील की—
“अस्पताल सबका है। व्यवस्था तभी उत्कृष्ट बनेगी जब मरीजों के साथ आए लोग अनुशासन का पालन करें और अस्पताल प्रशासन का सहयोग करें।”
डॉ. आर.के. शाही की ईमानदार कोशिशें और प्रशासनिक दृढ़ता मेडिकल कॉलेज कुशीनगर को एक नई पहचान देने की ओर अग्रसर हैं।
रिपोर्टर: के. एन. साहनी
कुशीनगर