गेस्ट हाउस और होटलों में पारदर्शिता की मांग — संदिग्ध मामलों में हो कड़ी कार्रवाई : विश्व हिंदू महासंघ
नाम और जाति छुपाकर हिन्दू लड़कियों के शोषण पर लगे रोक — प्रदेश मंत्री राजन जायसवाल की प्रशासन से सख्त मांग
कुशीनगर।
विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश मंत्री राजन जायसवाल ने जिले के गेस्ट हाउस और होटलों में हो रही अनियमितताओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि कई होटलों में कपल एंट्री के नाम पर बिना वैध पहचान पत्र, फर्जी विवरण और रजिस्टर प्रविष्टियों के बिना कमरे उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं।
होटल संचालन में सख्ती की जरूरत
जायसवाल ने कहा कि योगी सरकार ने धर्मांतरण, फर्जी पहचान और धोखे से संबंध बनाकर शोषण करने वालों पर कानून को काफी कड़ा बनाया है, इसलिए स्थानीय स्तर पर भी कड़ाई और सतर्कता बेहद आवश्यक है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि—
- सभी होटलों/गेस्ट हाउसों का नियमित निरीक्षण हो,
- बिना पहचान पत्र कमरे देने वाले संचालकों पर कड़ी कार्रवाई हो,
- रिकॉर्ड और सीसीटीवी सिस्टम को अनिवार्य रूप से सक्रिय रखा जाए।
संदिग्ध मामलों में तत्काल जांच की मांग
जायसवाल ने कहा—
“यदि किसी होटल या गेस्ट हाउस में गलत पहचान, धोखे, दबाव या संदिग्ध परिस्थिति पाई जाती है, तो तत्काल जांच के बाद कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्रवाई सिर्फ उन्हीं मामलों में हो जहां कानून के तहत धोखे, गलत पहचान या दबाव का तत्व पाया जाए—बेगुनाहों को परेशान न किया जाए।
पुलिस की कार्यशैली की सराहना
प्रदेश मंत्री ने कुशीनगर के पुलिस कप्तान की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था मजबूत है, लेकिन होटलों की जांच व्यवस्था में और अधिक पारदर्शिता लाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा—
“महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि है, ऐसे में संदिग्ध मामलों में पुलिस को पूरी कठोरता से कार्रवाई करनी चाहिए।”