सीएचसी सपहा परिसर बना कबाड़खाना, मरीज परेशान — स्वास्थ्य विभाग खामोश
रिपोर्ट: K. N. Ray
कुशीनगर/कसया। कसया तहसील क्षेत्र के नौकाटोला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सपहा का परिसर इन दिनों गंभीर लापरवाही और बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। अस्पताल के भीतर ही करीब 15 खराब एंबुलेंसें (जिसमें 6 मुख्यमंत्री महामाया सचल अस्पताल एंबुलेंस और 9 अन्य एंबुलेंस शामिल) पिछले तीन वर्षों से जंग खाकर कबाड़ में तब्दील हो रही हैं।
कचरे, झाड़–झंखाड़ और गंदगी का साम्राज्य
सीएचसी परिसर में खड़ी इन जर्जर एंबुलेंसों के चारों ओर झाड़-झंखाड़, घास-फूस और कूड़े का ढेर जमा है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी तो दूर, लगता है विभागीय अधिकारियों की नजर भी इस गंदगी पर नहीं पड़ती।
उधर इलाज कराने आने वाले सैकड़ों मरीजों और उनके परिजनों को रोजाना अतिक्रमण, बदबू और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है।
संक्रमण और सर्प–कीट का खतरा बढ़ा
क्षेत्रीय लोगों ने आरोप लगाया कि जिलेभर की खराब एंबुलेंसों को यहां लाकर सालों से खड़ा कर दिया गया है।
गाड़ियों के आसपास जमा गंदगी और उगी झाड़ियों में जहरीले सांप, कीट, चूहे और अन्य जीवों का खतरा बना हुआ है।
मच्छर और मक्खी तेजी से पनप रहे हैं, जिससे संक्रामक रोग फैलने का भी गहरा खतरा है।
वार्ड, डॉक्टर कक्ष और आवास भी खतरे में
सीएचसी का वार्ड, ओपीडी, डॉक्टर कक्ष तथा कर्मचारियों के आवास इसी परिसर में स्थित है। इसके बावजूद कोई भी जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर स्थिति पर ध्यान नहीं दे रहा।
खराब पड़ी एंबुलेंसें लंबे समय से जंग खा रही हैं, उनकी हालत बेहद जर्जर हो चुकी है — लेकिन फिर भी स्वास्थ्य विभाग न तो इन्हें नीलाम करा रहा है और न ही अस्पताल परिसर से हटवा रहा है।
स्थानीय लोग बोले: हटाओ कबाड़, बचाओ अस्पताल
क्षेत्र के नागरिकों ने मांग की है कि
- खराब एंबुलेंसों को तुरंत परिसर से हटाया जाए
- गंदगी की साफ-सफाई कराई जाए
- संक्रमण रोकने के लिए स्पेशल सफाई अभियान चलाया जाए
फिलहाल सीएचसी सपहा का परिसर स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक स्थिति बयां कर रहा है — जहां इलाज कराने आए मरीजों को सुविधा से ज्यादा बदहाली देखने को मिल रही है।
(रिपोर्ट: K. N. Ray)