
“मुख्यमंत्री कार्यालय मेरा अंतिम पड़ाव था… अब एसपी से न्याय की उम्मीद” पीड़िता लालसा देवी की मार्मिक गुहार

लखनऊ/कुशीनगर। पति और ससुरालीजनों के उत्पीड़न से पीड़ित लालसा देवी (ग्राम देवलापोखरा, माधोपुर बुजुर्ग) थाना तमकुहीराज न्याय की तलाश में मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुँची। पीड़िता का कहना है—
“मुख्यमंत्री कार्यालय ही मेरा अंतिम पड़ाव था… अब कहीं और जाने की ताकत नहीं बची।”
मुख्यमंत्री कार्यालय के लिपिक ने आवेदन पढ़कर मामले को गंभीर मानते हुए एसपी कुशीनगर श्री केशव कुमार से सीधे बातचीत की। इसके बाद आज लालसा देवी अपने दो बच्चों और बुजुर्ग पिता संग एसपी कार्यालय, कुशीनगर पहुँची।
दवा के अभाव में सबसे छोटी बेटी की मौत – अब दोनों बेटियों का बोझ अकेले ढो रही मां
लालसा देवी की तीन बेटियाँ थीं। उसने रोते हुए बताया—
“दवा के अभाव में मेरी सबसे छोटी बेटी मर गई… उसे बचा नहीं सकी।”
अब उसकी बड़ी बेटी अंकिता (7 वर्ष) और रंजना (5 वर्ष)
अपनी मां के साथ पिता के घर में रहकर मजबूरी में जीवन बिता रही हैं।
पीड़िता अकेले ही दोनों बच्चियों का पालन-पोषण करने में लगी है, जबकि पति और ससुराल वालों की ओर से कोई मदद नहीं मिल रही।
“उमेश यादव की न्यायालय में पैठ, इसलिए नहीं होती कार्रवाई”
लालसा देवी का कहना है—
“मामला कोर्ट में चल रहा है, लेकिन उमेश यादव की न्यायालय में गहरी पैठ के कारण उस पर किसी कानूनी कार्रवाई का भय नहीं रहता।”
पति के दूसरी शादी कर लेने, लगातार मारपीट, गाली-गलौज और दहेज उत्पीड़न के कारण पीड़िता का जीवन पूरी तरह बिखर चुका है।
अब उम्मीद पुलिस कप्तान की कार्रवाई पर
पीड़िता ने कहा—
“अब उम्मीद सिर्फ एसपी साहब से है… देखना है कि मेरे दर्द पर कितनी प्रभावी कार्रवाई उठाई जाती है।”
सूत्रों के अनुसार, एसपी कार्यालय ने पीड़िता का विस्तृत बयान दर्ज कर संबंधित थाना को त्वरित जांच और कार्रवाई के लिए निर्देश दे दिए हैं।