आचार्य कृष्णन के बयान पर बवाल, राष्ट्रपति समेत कई उच्च अधिकारियों को भेजा ज्ञापन”

आचार्य कृष्णन के बयान पर बवाल, राष्ट्रपति समेत कई उच्च अधिकारियों को भेजा ज्ञापन”

नई दिल्ली।
एक विवादित पत्र के माध्यम से आचार्य कृष्णन नामित व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक समूह/व्यक्ति ने राष्ट्रपति को संबोधित शिकायत भेजी है। इस पत्र की प्रति सर्वोच्च न्यायालय, गृह मंत्री, सुब्रमण्यम स्वामी और राहुल गांधी को भी भेजी गई है।

पूर्वांचल गाँधी और आचार्य कृष्णन

शिकायतकर्ता ने पत्र में आरोप लगाया है कि आचार्य कृष्णन “हिंदू राष्ट्र” की विचारधारा को बढ़ावा देते हुए गांधी, भगत सिंह, अंबेडकर, सुभाषचंद्र बोस और एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा दिखाए गए भारत के मूल्यों को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। पत्र में यह भी दावा किया गया है कि उनकी विचारधारा नफरत, हिंसा और सांप्रदायिकता को बढ़ाती है।

पत्र में यह भी कहा गया है कि भारत की पहचान किसी एक विचारधारा से नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, समानता, संविधान और विविधता से है। शिकायतकर्ता ने लिखा है कि “भारत, भारत ही रहेगा – चांद-सूरज के रहने तक”, और किसी भी कट्टरपंथी विचार को देश पर थोपने का प्रयास अस्वीकार्य है।

पत्र में कुछ बेहद तीखे शब्दों का भी प्रयोग किया गया है, जिन्हें राजनीतिक हलकों में विवाद का विषय माना जा रहा है। शिकायतकर्ता ने इन्हें व्यक्तिगत विचार बताते हुए आचार्य कृष्णन की विचारधारा का विरोध दर्ज कराया है।

फिलहाल इस पत्र पर राष्ट्रपति भवन अथवा सम्बंधित विभागों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

के एन साहनी लखनऊ उत्तर प्रदेश

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