पडरौना शहर में जाम का झाम, अंडरपास निर्माण में देरी से जनता बेहाल

सांसद, विधायक और प्रशासन मौन — कब मिलेगा जाम से निजात?
पडरौना (कुशीनगर)।
पडरौना शहर इन दिनों गली-गली जाम की चपेट में है। घंटों तक वाहनों की लंबी कतारें आमजन के लिए परेशानी का सबब बन गई हैं। लोगों का कहना है कि शहर में यह स्थिति नवनिर्माणाधीन अंडरपास के लंबे समय से अधूरे पड़े रहने का परिणाम है।
रेलवे ट्रैक के नीचे बन रहा अंडरपास पिछले दो वर्षों से अधूरा पड़ा है, जिसके कारण आसपास के इलाकों में आवाजाही बाधित है। शहर की सड़कों पर हर दिन जाम का आलम रहता है। नागरिकों का कहना है कि अब तो पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है।
जनता और व्यापारियों की बढ़ी दुश्वारियां
लोगों के साथ-साथ व्यापारियों की भी मुसीबतें बढ़ गई हैं। जाम के कारण ग्राहकों की संख्या घट गई है और दुकानदारी पर असर पड़ रहा है। स्थानीय निवासी बताते हैं कि शहर में बढ़ते धूल-मिट्टी और शोर से लोगों की सांस तक फूलने लगी है।
नेताओं और अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवाल
जनता का कहना है कि आखिर सांसद, राज्यसभा सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष और जिलाधिकारी इस समस्या पर कब ध्यान देंगे? दो साल बीत जाने के बाद भी अंडरपास अधूरा है और इसका कोई निश्चित समय नहीं बताया जा रहा।
लोगों की मांग है कि प्रशासन तत्काल अंडरपास निर्माण कार्य को पूरा कराए ताकि शहर को जाम और अव्यवस्था से राहत मिल सके।
रिपोर्ट — के. एन. साहनी