हिन्दुत्व के नाम पर राजनीति करने वालों पर समाजसेवी गौतम राय की तीखी टिप्पणी

हिन्दुत्व के नाम पर राजनीति करने वालों पर समाजसेवी गौतम राय की तीखी टिप्पणी
कुशीनगर (अहमद हुसैन) — समाजसेवी गौतम राय ने आज देश के समक्ष मौजूदा गंभीर चुनौतियों और उन लोगों पर कड़ा हमला बोला जिन्होंने राम के नाम और हिन्दुत्व के नारे लगाकर राजनीति को व्यक्ति विशेष का व्यवसाय बना लिया है।

गौतम राय

गौतम राय ने कहा कि देशभर में महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा व किसान समस्याओं जैसी असंख्य शिकायतें हैं, पर राजनीति का मुख्य मुद्दा बन बैठना चाहिए — विकास, लोगों की रोज़मर्रा की पीड़ा और न्याय। उन्होंने पूछा कि ‘रामराज’ का प्रश्न पूछना है तो सबसे पहले उन लोगोँ से सवाल कीजिए जो राम के नाम पर राजनीति करते हुए गाय के संरक्षण और गो-रक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों को नज़रअंदाज़ कर रहे हैं।

राय ने आरोप लगाया कि कई लोग हिन्दुत्व की आड़ में धर्म का उपयोग करके सत्ता और धन कमाते हैं, पर वास्तविक धर्म-रक्षा और राष्ट्र-रक्षा में उनकी भूमिका संदिग्ध है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन लोगों ने गोकशी को बढ़ावा दिया या उस पर कड़ी कार्रवाई नहीं होने दी, उनसे हिन्दुत्व या राष्ट्र की रक्षा की अपेक्षा रखना नासमझी होगी।

समाजसेवी ने प्रदेश की सीमावर्ती उपेक्षा और अविकसित क्षेत्रों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि तरया-सुजान रेल स्टेशन जैसे दूरदराज इलाक़ों में रेलवे गाड़ियों के ठहराव न होना, बैंकिंग सुविधाओं की कमी और शिक्षा व रोजगार में असमानता — ये वे वास्तविक मुद्दे हैं जिनका तुरंत समाधान चाहिए। उन्होंने बताया कि नौजवानों का भविष्य, गरीबों की रोज़मर्रा की जिंदगानी और खेतों में मेहनत करने वाले किसान ही असल में देश की नींव हैं, न कि किसी नारेबाज़ी का शो-रूम।

राय ने लोगों से आह्वान किया कि वे जाति, संप्रदाय या मतभेद की बेड़ियों से ऊपर उठकर देशहित और समाजहित में एक साथ आएँ। उन्होंने कहा कि आज जब लोकतंत्र और शहीदों के सपनों का हिंदुस्तान कई तरह के खतरों का सामना कर रहा है, तब युवा पीढ़ी को सतर्क होकर उन ऊँचे-ऊँचे दिखावे वालों के खिलाफ ख़ामोशी तोड़नी होगी जो जनता के मुद्दों से ध्यान भटका कर अलग एजेंडा चलाते हैं।

समाजसेवी ने निष्कर्ष में जोर देकर कहा — “राम के नाम की शान तब तक बनी रहेगी जब तक हम राम के वास्तविक संदेश — दया, न्याय और सामाजिक संवेदना — को आगे बढ़ाएँगे। केवल नारे लगाने से कुछ नहीं होगा।” उन्होंने युवा शक्ति से अपील की कि वे राजनीतिक नौटंकी के विरुद्ध, समाज के वास्तविक प्रश्नों के लिए संगठित होकर उठ खड़े हों।

(रिपोर्ट: अहमद हुसैन, कुशीनगर)

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