पूर्वांचल गांधी डॉ. संपूर्णानंद गांधी ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र


पूर्वांचल गांधी डॉ. संपूर्णानंद गांधी ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र

कहा — मुझे भारत, तिरंगा और संविधान चाहिए; अलगाववादी हिंदू राष्ट्र नहीं

कुशीनगर। देश की मौजूदा परिस्थितियों में राष्ट्र, संविधान और एकता के मुद्दे पर बढ़ते वैचारिक टकराव के बीच पूर्वांचल गांधी के नाम से चर्चित समाजसेवी डॉ. संपूर्णानंद गांधी ने राष्ट्रपति महोदया को एक भावनात्मक पत्र भेजा है।
उन्होंने पत्र में लिखा है कि उन्हें “भारत, तिरंगा और संविधान” चाहिए — न कि अलगाववाद, नफरत और हिंसा पर आधारित कोई हिंदू राष्ट्र

डॉ. गांधी ने अपने पत्र में कहा कि कुछ तत्व देश की मूल भावना, एकता और सांप्रदायिक सद्भाव को तोड़ने की साजिश कर रहे हैं। उन्होंने लिखा —

धीरेंद्र शास्त्री की ‘हिंदू राष्ट्र’ यात्रा संविधान, तिरंगे और भारत की आत्मा पर हमला है। यदि ऐसी विभाजनकारी गतिविधियाँ बंद नहीं हुईं, तो मैं गांधी, भगत सिंह और अंबेडकर की राह पर सत्याग्रह करूँगा।”

डॉ. गांधी ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि “यदि उन्होंने ऐसे तत्वों को वाई श्रेणी सुरक्षा न दी होती तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।” उन्होंने मांग की है कि प्रधानमंत्री को पद से हटाकर देश को आर्थिक एवं सामाजिक अराजकता से बाहर निकालने के लिए सुब्रमण्यम स्वामी जैसे योग्य अर्थशास्त्री को नेतृत्व का अवसर दिया जाए।

उन्होंने कहा कि “1857 की क्रांति और स्वतंत्रता संग्राम में हिंदू-मुस्लिम दोनों ने अपने प्राण न्योछावर किए थे, इसलिए आज किसी को यह अधिकार नहीं कि वह भारत को हिंदू या मुस्लिम राष्ट्र में बाँटे।”

अपने पत्र में उन्होंने गांधी, भगत सिंह, अशफाक उल्ला खान, बिस्मिल, लाहिड़ी और सुभाष चंद्र बोस का उल्लेख करते हुए कहा —

इन महान क्रांतिकारियों ने फांसी का फंदा इसलिए नहीं चूमा था कि आजादी के बाद भारत को ‘हिंदू राष्ट्र’ बनाया जाए।”

डॉ. गांधी ने कहा कि “हिंदू राष्ट्र” भी उतना ही अलगाववादी विचार है जितना “मुस्लिम लीग का पाकिस्तान” था, और ऐसे विचार भारत की एकता को खंडित करते हैं।

उन्होंने राष्ट्रपति, मुख्य न्यायाधीश और गृह मंत्री से मांग की है कि —

  1. संविधान विरोधी और नफरत फैलाने वाले तत्वों पर त्वरित कार्रवाई हो,
  2. विभाजनकारी रैलियों और बयानों पर तत्काल रोक लगे,
  3. और जो भी व्यक्ति संविधान को गाली दे, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएँ।

डॉ. संपूर्णानंद गांधी ने कहा कि वह सत्य, अहिंसा और संविधान की रक्षा के लिए आजीवन संघर्ष करते रहेंगे।

“भारत अपने उदय दिवस से भारत है और जब तक चाँद-सूरज रहेंगे, भारत रहेगा — न हिंदू राष्ट्र बनेगा, न मुस्लिम राष्ट्र। यही सच्चा भारत है।”

पत्र की प्रतियाँ राष्ट्रपति भवन, सर्वोच्च न्यायालय, इलाहाबाद हाईकोर्ट और गृह मंत्रालय को भेजी गई हैं।


रिपोर्ट : के.एन. साहनी, लखनऊ / कुशीनगर
(फ़ोन : 9453013386


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