माता जी के नाम पर बना वीर एल्कव्य महाविद्यालय, प्रबंधक दरोगा निषाद और प्रधानाचार्या पत्नी की शिक्षा सेवा चर्चा में

प्रबंधक श्री दरोगाप्रसाद निषाद

कुशीनगर। जंगल बकुलहां, विकास खंड पडरौना में स्थित वीर एल्कव्य महाविद्यालय शिक्षा जगत में सेवा और समर्पण का प्रतीक बन चुका है। महाविद्यालय के प्रबंधक दरोगा निषाद ने इसे अपनी माता के नाम से स्थापित कर ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का नया प्रकाश फैलाया है।

इस संस्था की विशेषता यह है कि दरोगा निषाद की धर्मपत्नी स्वयं विद्यालय की प्रधानाचार्या के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। पति-पत्नी की यह जोड़ी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और शिक्षा की गुणवत्ता को सर्वोपरि मानते हुए निरंतर प्रयासरत है।

निषाद दंपत्ति के बड़े पुत्र उदयवीर निषाद और छोटे पुत्र राजवीर निषाद भी संस्थान के गौरव को बनाए रखने में सक्रिय सहयोग दे रहे हैं। महाविद्यालय का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को उच्च शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और सामाजिक जागरूकता से जोड़ना है।

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