थाना कसया क्षेत्र के बिरती मठिया में पुलिस की छापेमारी से हड़कंप, जुए के अड्डे पर गिरी गाज
रिपोर्ट – के.एन. साहनी
स्थान – बिरती मठिया, कसया (कुशीनगर)


कसया थाना क्षेत्र के बिरती मठिया गांव में बृहस्पतिवार देर शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पुलिस ने ताश पत्ती के जुए के अड्डे पर अचानक छापा मारा। पुलिस की इस कार्रवाई में कई जुआरी मौके से भाग निकले, जबकि कुछ को हिरासत में लेने की चर्चा है।
यह छापेमारी स्थानीय मीडियाकर्मियों द्वारा दी गई पुख्ता सूचना के आधार पर की गई। कसया थाने के उपनिरीक्षक उज्ज्वल कुमार व राकेश पासवान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सक्रिय घेराबंदी कर अड्डे को चारों ओर से घेरा।
🔍 स्थानीयों में दहशत, पुलिस पर पक्षपात का आरोप
स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह अड्डा लंबे समय से सक्रिय था, और प्रतिदिन लाखों रुपये का खेल चल रहा था। ग्रामीणों की कई शिकायतों के बावजूद कार्रवाई टलती रही। लेकिन मीडिया की दबावपूर्ण भूमिका के चलते आखिरकार पुलिस को हरकत में आना पड़ा।
हालांकि, पुलिस द्वारा सार्वजनिक रूप से यह कहा गया कि “मौके से सभी आरोपी फरार हो गए और केवल एक बाइक बरामद हुई”, जिससे न केवल मीडिया की दी गई सूचना को हल्का दिखाने की कोशिश हुई, बल्कि पूरे मामले पर पर्दा डालने की कोशिश का भी आरोप लग रहा है।
📣 बिरती मठिया में चर्चा तेज
ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि कुछ लोगों को मौके से पकड़ा गया था, लेकिन प्रभावशाली लोगों के हस्तक्षेप से उन्हें छोड़ दिया गया। वहीं, एक बाइक को “लावारिस” बताकर जब्त करने की बात कही गई, जिसे स्थानीय लोग एक आरोपी की निजी बाइक बता रहे हैं।
✅ मीडिया की सजगता बनी कार्रवाई का आधार
इस कार्रवाई ने साबित कर दिया कि यदि मीडिया जिम्मेदारी से जनहित में कार्य करे, तो दबाव बनाकर प्रशासन को भी सक्रिय किया जा सकता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस इस छापेमारी को अंजाम तक ले जाती है या यह भी बीते मामलों की तरह फाइलों में दफन हो जाएगा।
बिरती मठिया की यह घटना केवल एक छापेमारी नहीं, बल्कि पुलिस और मीडिया की भूमिकाओं के बीच एक बड़ी परीक्षा बन चुकी है। अब कसया पुलिस के लिए यह जरूरी हो गया है कि वह इस कार्रवाई को निष्पक्षता के साथ आगे बढ़ाए और आरोपियों को सजा तक पहुंचाए।