उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने 25 सूत्रीय मांगों को लेकर किया धरना प्रदर्शन, डीआईओएस कार्यालय पर गरजे शिक्षक

कुशीनगर, 6 अगस्त 2025।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ, जनपद कुशीनगर की ओर से बुधवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। धरने का उद्देश्य शिक्षकों की 25 सूत्रीय लंबित मांगों के शीघ्र निस्तारण को लेकर प्रशासन को जागरूक कराना था। इस प्रदर्शन में जनपद के विभिन्न विद्यालयों से आए सैकड़ों शिक्षकों ने भाग लिया और एक स्वर में कहा — “अब और नहीं, अधिकार चाहिए, सम्मान चाहिए।”

धरने की अध्यक्षता संघ के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा ने की, जिन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि “वर्षों से शिक्षक अपनी मूलभूत मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन आंख मूंदे बैठा है। यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में आंदोलन और भी व्यापक होगा।”

धरने को संबोधित करते हुए जिला उपाध्यक्ष ज्ञान शंकर पाण्डेय ने कहा, “हमारे साथ लगातार अन्याय हो रहा है। न तो समय से वेतन भुगतान हो रहा है, न ही स्थानांतरण, पदोन्नति और पेंशन जैसी मूल सुविधाओं पर कोई कार्यवाही हो रही है। सरकार शिक्षकों की अनदेखी कर रही है, जो बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

संघ के जिला संयुक्त मंत्री संतोष बरनवाल ने भी सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि शिक्षकों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार अब बंद होना चाहिए।

जिला संगठन मंत्री रमाकांत जायसवाल ने शिक्षकों को संगठित रहने और संघर्ष के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “अब आर-पार की लड़ाई का समय आ गया है।”

इस अवसर पर आय-व्यय निरीक्षक अभिषेक कुमार पाण्डेय, मीडिया प्रभारी ओमप्रकाश ओझा, अजय कुमार पासवान समेत अन्य पदाधिकारीगण एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।

शिक्षकों की प्रमुख मांगें:

  1. शिक्षकों का समयबद्ध प्रमोशन
  2. स्थानांतरण नीति में पारदर्शिता
  3. पुरानी पेंशन योजना की बहाली
  4. मान्यता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों को समान वेतन
  5. शिक्षकों की समयबद्ध वेतन भुगतान
  6. विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता
  7. शिक्षकों पर गैर-शैक्षिक कार्यों का भार बंद हो
  8. महिला शिक्षकों के लिए विशेष सुविधा
    (बाकी मांगों की सूची धरना स्थल पर सौंपे गए ज्ञापन में समाहित थी)

धरने के अंत में एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित कर सौंपा गया, जिसमें शिक्षकों की सभी मांगों को शीघ्र लागू किए जाने की अपील की गई।

धरना शांतिपूर्वक सम्पन्न हुआ लेकिन शिक्षक वर्ग ने स्पष्ट संकेत दिया कि यदि मांगों की अनदेखी जारी रही तो जल्द ही पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।

रिपोर्ट — के एन साहनी
विशेष संवाददाता, कुशीनगर


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