हर चौक-चौराहे पर “बंगाली डॉक्टरों” का कब्जा

गाँवों के भोले-भाले गरीब मरीजों की सेहत से खिलवाड़, स्वास्थ्य विभाग बना मूकदर्शक

कुशीनगर/विशेष रिपोर्ट

गाँव-देहात के हर प्रमुख चौक, चौराहे और बाजार में वर्षों से बिना किसी डिग्री या वैध पंजीकरण के बंगाल से आए कथित “बंगाली डॉक्टरों” का कब्जा बना हुआ है। ये लोग फर्जी हॉस्पिटल और क्लिनिक चला रहे हैं और सीधे सुई-बोतल चढ़ाने से लेकर गंभीर बीमारियों का इलाज करने का दावा कर रहे हैं।

इन डॉक्टरों की कार्यशैली ऐसी है कि जैसे इन्हें किसी प्रशासनिक कार्रवाई का भय ही नहीं। हालत गंभीर होने पर यह पल्ला झाड़ लेते हैं और मरीजों को “बड़ा इलाज” कराने के नाम पर बाहर भेज देते हैं।

इन जगहों पर बंगालियों की भरमार:

🏠नादह हेड

🏠बाँणीपुल

🏠अहिरौली बाजार कसया

🏠गोबरही

🏠फुरसतपुर

🏠तेकुआटार

🏠अमवा मंदिर

🏠सिद्धावे

🏠भड़कुलवा विजयपुर

🏠रगरगंज

🏠मथौली बाजार

🏠हरपुर वरवा

🏠खैरेटवा चौराहा

🏠भूड़ाडीह चौराहा

इन सभी स्थानों पर बंगाली डॉक्टर बिना डर के खुलेआम मरीजों को इलाज के नाम पर सुई-बोतल चढ़ा रहे हैं।

इनका नेटवर्क इतना मजबूत हो चुका है कि मेडिकल स्टोर से लेकर पैथोलॉजी तक इनकी पहुँच मे आ गया है,” – कई मरीजों ने बताया।

🏥प्रशासनिक उदासीनता इसका सबसे बड़ा कारण रहा

अब बड़ा सवाल यह है कि डीएम कुशीनगर और मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) कब इस मामले पर संज्ञान लेंगे? वर्षों से इन फर्जी डॉक्टरों का नेटवर्क बेधड़क चलता आ रहा है, लेकिन आज तक किसी अधिकारी ने मौके पर जाकर ठोस कार्रवाई नहीं की।

खास सूत्रों की मानें तो…
जैसे-जैसे इन झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ जनचेतना बढ़ रही है, इनके होश उड़ने लगे हैं। कुछ डॉक्टर अब अपना ठिकाना बदलने की फिराक में हैं।

🏥स्थानीय जनता की मांग:

सभी बंगाली डॉक्टरों की डिग्री और लाइसेंस की सघन जांच हो

अवैध क्लीनिक को तुरंत बंद किया जाए

स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम गठित कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए

गाँवों में वैध स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था की जाए

🔴 अब समय आ गया है कि प्रशासन अपनी चुप्पी तोड़े और जनता जीवन के साथ हो रहे खिलवाड़ को बंद करा कर इन्हे जेल भेजे।

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