सांप के डँसने से छात्र की मौत

सीएचसी पर लापरवाही का आरोप, परिजनों ने कहा—समय से इंजेक्शन मिलता तो बच जाती जान

हाटा (जगदीश सिंह ) कुशीनगर
स्थानीय नगर क्षेत्र के वार्ड संख्या एक बागनाथ मिश्र ढाढ़ा निवासी इंटरमीडिएट छात्र सागर उर्फ मजनू (20) की बुधवार देर शाम सांप के डसने से मौत हो गई। परिजनों ने हाटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि समय से एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन दे दिया गया होता, तो युवक की जान बचाई जा सकती थी। घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।
परिजनों के अनुसार मजनू खेत में मछली पकड़ने गया था, जहां एक विषैले सांप ने उसके पैर में डंस लिया। किसी तरह वह घर पहुंचा और मां को जानकारी दी। तत्काल परिजन उसे बाइक से हाटा सीएचसी ले गए। इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. प्रशांत मल्ल ने मरीज का नाम रजिस्टर में दर्ज किया और जांच कर प्राथमिक इलाज किया l लेकिन परिजनों का आरोप है कि इंजेक्शन नहीं लगाया गया। कुछ देर बाद जब मजनू की हालत बिगड़ने लगी तो डॉक्टर ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन बाइक से ही उसे लेकर चले गए, लेकिन रास्ते में हालत और बिगड़ती गई। जिला अस्पताल पहुंचने के थोड़ी देर बाद ही मजनू की मौत हो गई।
मृतक की बहन मनीषा ने रोते हुए कहा अगर डॉक्टर इंजेक्शन दे देते तो मेरा भाई जिंदा होता। परिजनों ने बताया कि अस्पताल में इंजेक्शन मौजूद था, फिर भी उसे नहीं दिया गया।
सीएचसी हाटा के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अजय सिंह ने बताया कि उस समय अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम की करीब 35 फाइलें मौजूद थीं और ऐसे मामलों में इंजेक्शन तत्काल लगाया जाता है। सीनियर फार्मासिस्ट ने भी इंजेक्शन उपलब्ध होने की पुष्टि की। डॉ. प्रशांत मल्ल ने कहा कि परिजन काफी घबराए हुए थे और इलाज की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही मरीज को लेकर जिला अस्पताल रवाना हो गए।
मजनू अपने परिवार का इकलौता बेटा था। पिता हरिदास पंजाब में मजदूरी करते हैं, बहन मनीषा की शादी हो चुकी है। बेटे की मौत से घर में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने इस मामले की जांच कर जिम्मेदार डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग की है।

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