केवल 8 का हुआ निस्तारण
जिम्मेदार अफसरों की लापरवाही उजागर….
स्थान: तहसील परिसर, पड़रौना | तिथि: 5 जुलाई 2025
रिपोर्ट: के. एन. साहनी
आज तहसील पड़रौना में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर कुल 120 जन शिकायतें दर्ज की गईं, लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि सिर्फ 8 मामलों का निस्तारण किया जा सका। शेष 112 प्रकरणों में कोई कार्यवाही नहीं हो सकी, जिससे आम जनता में रोष व्याप्त है।
उच्च अधिकारी रहे मौजूद, फिर भी नहीं मिला समाधान
जन सुनवाई के इस विशेष आयोजन में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, उपजिलाधिकारी ऋषभ पुंडीर, तहसीलदार अभिषेक मिश्रा के साथ विभिन्न विभागों के ज़िम्मेदार अधिकारी उपस्थित रहे। इसके बावजूद अधिकतर विभागों ने प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे समाधान दिवस मात्र औपचारिकता बन कर रह गया।
विभागवार शिकायतें और निस्तारण का हाल
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार विभागवार स्थिति निम्न प्रकार रही:
विभाग का नाम प्राप्त प्रकरण निस्तारित लंबित
राजस्व विभाग 77
पुलिस विभाग 19
विकास विभाग 14
अन्य विभाग 10
योग (कुल) 120
आठ का 8 हुआ निस्तारण
शेष 112 कार्यवाही हेतु प्रचलित.
जनता में आक्रोश, भरोसा डगमगाया
जिन ग्रामीणों और नागरिकों ने अपनी शिकायतें लेकर समाधान दिवस में भाग लिया, वे निराश होकर लौटे। अधिकांश लोगों का कहना था कि “जब डीएम और एसपी की मौजूदगी में ही समाधान नहीं होता, तो आम दिनों में कौन सुनेगा?”
कुछ पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों ने आवेदन तो ले लिए, पर न तो मौके की जांच हुई, न ही कोई स्पष्ट आश्वासन दिया गया।
जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही की मांग
स्थानीय जनप्रतिनिधियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि इस तरह के आयोजनों को केवल दिखावे का मंच न बनाया जाए। जिलाधिकारी से अपेक्षा है कि वे इस पूरे मामले में रिपोर्ट मांगें और लापरवाह विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करें।
विशेष टिप्पणी:
सम्पूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य है – “जन शिकायतों का त्वरित निस्तारण”, लेकिन आंकड़ों से साफ है कि यह उद्देश्य पूरी तरह से विफल रहा। जब महज 6.6% शिकायतों का ही समाधान हो पाए, तो यह गंभीर प्रशासनिक चिंता का विषय है।

