जनपद देवरिया के थाना गौरीबाजार अंतर्गत ग्रामसभा लबकनी निवासी पिंकू सिंह अपने सरल स्वभाव, सहयोगी दृष्टिकोण और समाज में उपजे विवादों को गुड़-दोष के आधार पर सुलझाने की कला के लिए प्रसिद्ध हैं। उनका मानना है कि विवाद को बढ़ाने से किसी का भला नहीं होता, बल्कि उसे आपसी बातचीत और सामूहिक निर्णय से सुलझा लेना ही सबसे बड़ा समाधान होता है।
पिंकू सिंह का परिवार लोगों की सेवा को ही अपनी परंपरा मानता आया है। उनके दादा और पिता भी गांव में किसी के संकट में सहयोग करने में सबसे आगे रहते थे। इसी संस्कार को आगे बढ़ाते हुए पिंकू सिंह ने अपने जीवन का मुख्य उद्देश्य दुखियारों की मदद करना बना लिया। गांव में किसी के घर में विपत्ति आ जाए, कोई बीमार पड़ जाए, या किसी को न्याय के लिए पंचायत की आवश्यकता पड़ जाए, पिंकू सिंह बिना स्वार्थ अपने कार्य छोड़कर वहां पहुँच जाते हैं।
गांव में भूमि विवाद, आपसी लड़ाई-झगड़े, पारिवारिक झगड़े जैसे मामलों में वे कड़ाई और प्रेम का संतुलन बनाए रखते हैं। उनकी बातचीत की शैली में न तो कटुता होती है और न ही किसी पक्ष की उपेक्षा। विवाद में गुड़-दोष का आधार लेते हुए जो सही होता है, उसका पक्ष लेना और जिसे समझाने की जरूरत होती है, उसे सहजता से समझा देना उनकी विशेष पहचान बन गई है। यही कारण है कि लोग उनके पास अपने विवाद लेकर आते हैं और उनके निर्णय को मान भी लेते हैं।
आज के दौर में जब गांवों में छोटे-छोटे विवादों में मुकदमेबाजी बढ़ रही है, वहीं पिंकू सिंह जैसे लोग ग्रामीण समाज में आपसी सौहार्द और भाईचारा बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उनके प्रयास से कई गरीब परिवारों को अनावश्यक कोर्ट-कचहरी के चक्कर से राहत मिली है।
पिंकू सिंह का मानना है:
“किसी की मदद करना और विवाद को प्रेम से सुलझाना ही असली समाजसेवा है।”
ऐसे लोग ही गांव की आत्मा होते हैं, जिनके कारण समाज में शांति, भाईचारा और सहयोग की भावना बनी रहती है। पिंकू सिंह की यह सेवा यात्रा युवाओं के लिए भी प्रेरणा है कि न्याय, सहयोग और सेवा ही जीवन की सच्ची पूंजी है।
