संवेदनशील पुलिसिंग की पहचान बने SHO वेद प्रकाश शर्मा

चौरी चौरा में संवेदनशील पुलिसिंग की मिसाल बने SHO वेद प्रकाश शर्मा
संवेदनशील पुलिसिंग की पहचान बने SHO वेद प्रकाश शर्मा
पारदर्शिता, ईमानदारी और जनसेवा का जीवंत उदाहरण

विशेष रिपोर्ट : के. एन. साहनी | सच्ची रिपोर्ट

गोरखपुर जनपद के ऐतिहासिक और संवेदनशील थाना क्षेत्र चौरी चौरा में वर्तमान में तैनात थानाध्यक्ष (SHO) वेद प्रकाश शर्मा अपनी निष्पक्ष, पारदर्शी और जनहितकारी कार्यशैली के कारण अलग पहचान बना चुके हैं। मूल रूप से सिद्धार्थनगर के निवासी वेद प्रकाश शर्मा उत्तर प्रदेश पुलिस में कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी के साथ सेवाएं दे रहे हैं।
करीब 10 माह पूर्व, 9 अप्रैल 2025 को वे गोला थाने से स्थानांतरित होकर चौरी चौरा थाने की कमान संभाली। इससे पहले वे देवरिया सदर जैसे महत्वपूर्ण और व्यस्त थाने में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनके अनुभव और प्रशासनिक दक्षता का सकारात्मक प्रभाव आज चौरी चौरा क्षेत्र में स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
स्वयं निगरानी, त्वरित कार्रवाई
SHO वेद प्रकाश शर्मा की कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे हर मामले की व्यक्तिगत निगरानी करते हैं। अपराध नियंत्रण, विवेचना या फरियादियों की शिकायत—हर विषय पर वे केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहते, बल्कि स्वयं मैदानी स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाते हैं। इससे मामलों का त्वरित निस्तारण होता है और पुलिस की जवाबदेही भी सुनिश्चित होती है।
फरियादियों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण
शर्मा जी को एक संवेदनशील और मानवीय अधिकारी के रूप में जाना जाता है। वे पीड़ितों की बात धैर्यपूर्वक सुनते हैं और कानून के दायरे में रहकर न्याय दिलाने का हर संभव प्रयास करते हैं। उनका स्पष्ट संदेश है—
“जिसकी भी कोई समस्या हो, वह मुझसे सीधे मिले। अनावश्यक परेशान न हों। पुलिस 24 घंटे जनता की सेवा के लिए तत्पर है।”
व्यवहारिक छवि, जनता का भरोसा
उनका सरल स्वभाव, शालीन व्यवहार और निष्पक्ष निर्णय पुलिस व आम जनता के बीच विश्वास की मजबूत कड़ी बन चुके हैं। यही कारण है कि चौरी चौरा थाना क्षेत्र में लोग बिना भय के अपनी समस्याएं लेकर थाने पहुंच रहे हैं।
SHO वेद प्रकाश शर्मा की कार्यप्रणाली यह सिद्ध करती है कि यदि पुलिसिंग में ईमानदारी, संवेदनशीलता और पारदर्शिता हो, तो पुलिस वास्तव में जनता की सच्ची सेवक बन सकती है। चौरी चौरा में उनकी तैनाती न केवल कानून-व्यवस्था को मजबूत कर रही है, बल्कि जनविश्वास की पुनर्स्थापना का भी सकारात्मक संकेत है।
पीड़ितों को त्वरित सुनवाई कर राहत पहुंचाना ही पुलिस की पहली जिम्मेदारी है — और चौरी चौरा में यह जिम्मेदारी पूरी संवेदनशीलता के साथ निभाई जा रही है।

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