
वरिष्ठ उपनिरीक्षक आर.सी. सरोज: शिक्षा ही असली ताकत है
जनपद कुशीनगर की कोतवाली हाटा में तैनात 1997 बैच के वरिष्ठ उपनिरीक्षक आर.सी. सरोज एक अनुभवी, अनुशासित और समाज के प्रति संवेदनशील पुलिस अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। लगभग तीन दशकों की सेवा में उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता को भी अपनी जिम्मेदारी का हिस्सा माना है।
आर.सी. सरोज का स्पष्ट संदेश है—
“अपने बच्चे को खूब पढ़ाइए, शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो जितना पिएगा उतना दहाड़ेगा।”
उनका मानना है कि शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, संस्कार और आत्मनिर्भरता की कुंजी है। एक शिक्षित युवा न केवल अपने परिवार का सहारा बनता है, बल्कि समाज और राष्ट्र की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कोतवाली हाटा में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए वे अक्सर अभिभावकों और युवाओं को प्रेरित करते हैं कि वे नशे, अपराध और गलत संगत से दूर रहें तथा पढ़ाई और कौशल विकास पर ध्यान दें। उनका अनुभव बताता है कि अधिकांश अपराध अशिक्षा, बेरोजगारी और भटकाव से जन्म लेते हैं। यदि बच्चे को सही दिशा और शिक्षा मिल जाए, तो वह जीवन में हर चुनौती का सामना कर सकता है।
आर.सी. सरोज का यह भी कहना है कि पुलिस और समाज का रिश्ता केवल कानून तक सीमित नहीं होना चाहिए। पुलिस यदि मार्गदर्शक की भूमिका निभाए और समाज सहयोग करे, तो एक सुरक्षित और शिक्षित वातावरण का निर्माण संभव है।
आज जब मोबाइल और सोशल मीडिया के प्रभाव से बच्चों का ध्यान पढ़ाई से भटक रहा है, ऐसे समय में आर.सी. सरोज जैसे अधिकारियों की सीख और प्रेरणा समाज के लिए एक मजबूत संदेश है—
शिक्षा ही असली शक्ति है, और शिक्षित समाज ही सुरक्षित समाज की नींव है।
