कार्यालयीन कार्यप्रणाली में पारदर्शिता पर सख्त रुख,

पत्रावलियों को व्यवस्थित व अद्यतन रूप में प्रस्तुत करने के निर्देश

कुशीनगर।
जनपद के स्वास्थ्य विभाग में कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से कार्यालय स्तर पर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। कार्यालय से संबंधित सभी पत्रावलियों की गहन समीक्षा करते हुए उन्हें संबंधित डेस्क पर साफ-सुथरी, क्रमबद्ध और अद्यतन कार्यवाही सहित प्रस्तुत करने को कहा गया है।
निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी पत्रावली में प्राप्ति तिथि, पूर्व में की गई कार्यवाही, संबंधित लिपिक/अधिकारी की टिप्पणी तथा शासनादेशों का स्पष्ट उल्लेख अनिवार्य रूप से अंकित हो। अधूरी, अपूर्ण अथवा अव्यवस्थित फाइलों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध उत्तरदायित्व तय करते हुए आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी, कुशीनगर डॉ. चंद्रप्रकाश ने स्पष्ट कहा कि उनकी नियुक्ति का उद्देश्य केवल चिकित्सा सेवा प्रदान करना नहीं है, बल्कि शासन की मंशा और आदेशों को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाना भी है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग जनता से सीधे जुड़ा हुआ विभाग है, इसलिए यहां की कार्यप्रणाली में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि शासन द्वारा संचालित स्वास्थ्य योजनाओं, टीकाकरण कार्यक्रमों, मातृ-शिशु कल्याण योजनाओं और आपातकालीन सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए आवश्यक है कि कार्यालयीन अभिलेख अद्यतन, पारदर्शी और सुव्यवस्थित हों।
डॉ. चंद्रप्रकाश ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करें तथा प्रत्येक फाइल पर स्पष्ट और तथ्यात्मक टिप्पणी अंकित करें, जिससे निर्णय प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।
स्वास्थ्य विभाग के इस सख्त रुख से यह संकेत स्पष्ट है कि अब कार्य में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। प्रशासन का मानना है कि यदि कार्यालयीन व्यवस्था मजबूत होगी तो आमजन को मिलने वाली सेवाएं स्वतः बेहतर और प्रभावी होंगी।
संदेश साफ है — बेहतर प्रबंधन से ही बेहतर स्वास्थ्य सेवा संभव है।

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