कृषि विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों का जायजा लेने पहुंचे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट जी. अक्षय दीपक, मेस और लाइब्रेरी का किया निरीक्षण

कुलपति डॉ. रामजी सिंह ने दी परियोजना की प्रगति की जानकारी, एक माह में मेस, लाइब्रेरी और आवासीय भवनों के पूरी तरह तैयार होने की उम्मीद

कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से किया संवाद, निर्माण की गुणवत्ता और श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

कुशीनगर। जनपद में निर्माणाधीन कृषि विश्वविद्यालय को बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं से सुसज्जित करने और निर्माण कार्यों की प्रगति परखने के उद्देश्य से रविवार को शाम करीब चार बजे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं आईएएस अधिकारी जी. अक्षय दीपक विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे। उन्होंने निर्माणाधीन परियोजना का स्थलीय निरीक्षण करते हुए विभिन्न भवनों और उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उनका विशेष ध्यान निर्माण की गुणवत्ता, व्यवस्थाओं और कार्यों को समय से पूरा कराने पर रहा।

ज्वाइंट मजिस्ट्रेट जी. अक्षय दीपक ने विश्वविद्यालय परिसर में मेस रूम और लाइब्रेरी का स्वयं निरीक्षण किया। उन्होंने वहां निर्माण की स्थिति और व्यवस्थाओं को देखा तथा संबंधित लोगों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। इसके अलावा उन्होंने कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। छात्रों से बातचीत के माध्यम से उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों और पढ़ाई से जुड़े वातावरण की जानकारी ली। प्रशासनिक अधिकारी का विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर संवाद करना निरीक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।

एक माह में मेस, लाइब्रेरी और आवासीय भवनों के तैयार होने की उम्मीद

इस अवसर पर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रामजी सिंह ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को निर्माण कार्यों की प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी, मेस रूम और आवासीय भवनों का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। आगामी एक महीने के भीतर इन कार्यों को पूरी तरह अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। वहीं विश्वविद्यालय का मुख्य द्वार और अन्य संबंधित निर्माण कार्य भी तेजी से कराए जा रहे हैं।
कुलपति ने परियोजना से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं और निर्माण की वर्तमान स्थिति के बारे में भी जानकारी दी। विश्वविद्यालय को बेहतर शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधाओं से सुसज्जित करने की दिशा में कार्य लगातार आगे बढ़ रहा है।
निर्माण की गुणवत्ता के साथ श्रमिकों की सुरक्षा पर भी जोर
निरीक्षण के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट जी. अक्षय दीपक ने प्रोजेक्ट मैनेजर से निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए, लेकिन गुणवत्ता के मानकों से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। निर्माण में निर्धारित मानकों और तकनीकी गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया।
उन्होंने निर्माण स्थल पर कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा को भी महत्वपूर्ण बताते हुए सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया। उनका कहना था कि निर्माण कार्यों के दौरान श्रमिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए जाने चाहिए।
सचिव विजय शंकर ने भी रखी निर्माण कार्यों से जुड़ी जानकारी
इस दौरान विश्वविद्यालय के सचिव विजय शंकर जी ने भी निर्माण कार्यों और परियोजना की प्रगति के संबंध में अपनी बात रखी। निरीक्षण के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट जी. अक्षय दीपक निर्माण से लेकर शैक्षणिक सुविधाओं तक प्रत्येक पहलू को लेकर गंभीर और संवेदनशील दिखाई दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और परियोजना से जुड़े लोगों के साथ समन्वय बनाकर कार्यों को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
मौजूद अधिकारियों में
निरीक्षण के दौरान कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रामजी सिंह, सचिव विजय शंकर, क्षेत्रीय वनाधिकारी कसया जयंत कुमार सिंह राणा, उपक्षेत्रीय वनाधिकारी राध्याम पाण्डेय, प्रोजेक्ट मैनेजर सहित अन्य संबंधित लोग मौजूद रहे।
गौरतलब है कि कुशीनगर में निर्माणाधीन कृषि विश्वविद्यालय जनपद के शैक्षणिक और कृषि विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके पूर्ण होने से पूर्वांचल के विद्यार्थियों को कृषि शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है। ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर निर्माण कार्यों की निगरानी, गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा परियोजना को बेहतर स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
