








कुशीनगर में सरदार पटेल जयंती पर पटेल समाज की दिखी एकजुटता, दीप प्रज्वलित कर किया लौह पुरुष को नमन
अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा की कुशीनगर इकाई के बैनर तले निजी होटल में हुआ आयोजन, सैकड़ों लोगों ने की सहभागिता

मुख्य अतिथि भिक्षु डॉ. नंद रतन महा शेरों सहित विशिष्ट अतिथियों और प्रबुद्ध वक्ताओं ने रखे विचार
शिक्षा, संगठन, सामाजिक सम्मान और राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने का लिया संकल्प

कुशीनगर। भगवान गौतम बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली के रूप में विश्वविख्यात जनपद कुशीनगर में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक एकजुटता के संदेश के साथ मनाई गई। अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा की कुशीनगर इकाई के बैनर तले एक निजी होटल में आयोजित कार्यक्रम में पटेल समाज के लोगों की उल्लेखनीय एकजुटता देखने को मिली। कार्यक्रम का शुभारंभ सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। उपस्थित लोगों ने लौह पुरुष को नमन करते हुए उनके राष्ट्रनिर्माण में दिए गए ऐतिहासिक योगदान को याद किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भिक्षु डॉ. नंद रतन महा शेरों उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में गोरखनाथ सिंह, बलराम दास जी, डॉ. अब्दुल मजीद, रामदेव सिंह, श्री रामसूरत सिंह, गोबर्धन सिंह एवं ओमप्रकाश शर्मा शामिल रहे।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ताओं के रूप में डॉ. रमाकांत कुशवाहा, प्रोफेसर डॉ. वीरेंद्र सिंह, डॉ. चन्द्रभूषण यादव, दशरथ शर्मा, अमित पटेल, एडवोकेट अमरनाथ पाण्डेय एवं सीताराम मौर्य ने अपने विचार रखे।
वक्ताओं ने सरदार पटेल के संघर्षपूर्ण जीवन, स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी भूमिका तथा आजादी के बाद देश की सैकड़ों रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत की मजबूत नींव रखने में उनके ऐतिहासिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
समाज की एकजुटता, शिक्षा और संगठन की मजबूती पर दिया जोर
वक्ताओं ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन संपूर्ण देश के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने अपने दृढ़ संकल्प, साहस, राजनीतिक दूरदर्शिता और कुशल नेतृत्व से देश की एकता को मजबूत किया। आज की पीढ़ी को उनके विचारों से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक ताकत उसकी शिक्षा, संगठन, संस्कार और आपसी सहयोग में होती है। समाज के लोगों को आपसी मतभेद भुलाकर नई पीढ़ी की शिक्षा, युवाओं के भविष्य और जरूरतमंद परिवारों के उत्थान के लिए मिलकर प्रयास करना चाहिए।
महासभा के पदाधिकारियों सहित सैकड़ों लोगों की रही सहभागिता
अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा की कुशीनगर इकाई की ओर से आयोजित कार्यक्रम में जिला महासचिव श्री गणेश शंकर पटेल, एडवोकेट तेजप्रताप सिंह पटेल तथा जिला कोषाध्यक्ष तेजप्रताप पटेल की प्रमुख सहभागिता रही।
इसके अतिरिक्त एडवोकेट जितेंद्र पटेल, शुभकरण पटेल, बृजकिशोर पटेल, मनोज पटेल, नथुनी सिंह पटेल, विद्या पटेल, ध्रुव पटेल एवं सुन्दरलाल सहित सैकड़ों लोग कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में समाज के लोगों की बड़ी संख्या में सहभागिता ने संगठनात्मक एकजुटता का संदेश दिया। उपस्थित लोगों ने सरदार पटेल के आदर्शों को आत्मसात करने और समाज के उत्थान के लिए सकारात्मक भूमिका निभाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कुशीनगर की धरती से सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का संदेश
भगवान गौतम बुद्ध की तपोस्थली कुशीनगर से आयोजित इस कार्यक्रम का संदेश केवल सामाजिक संगठन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता की भावना से भी जुड़ा रहा।
भगवान बुद्ध ने पूरी दुनिया को शांति, करुणा, मैत्री और मानवता का संदेश दिया, वहीं सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से देश को एकता के सूत्र में बांधने का ऐतिहासिक कार्य किया।
आज आवश्यकता है कि समाज के लोग अपने महापुरुषों के आदर्शों को केवल जयंती समारोह तक सीमित न रखें, बल्कि शिक्षा, सामाजिक सहयोग, गरीबों की सहायता, युवाओं को अवसर और सभी वर्गों के प्रति सम्मान के माध्यम से उन विचारों को व्यवहार में उतारें।
सरदार पटेल का जीवन हमें सिखाता है कि समाज की एकजुटता से सामाजिक शक्ति बढ़ती है और सभी समाजों की एकता से राष्ट्र मजबूत होता है। यही लौह पुरुष के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

रिपोर्ट: के.एन. साहनी, कुशीनगर।
