शिक्षा से संस्कार तक का सफर ही जीवन की सच्ची सफलता: सोनू सिंह

सोनू सिंह

सिक्रेटरी सहोदरा इंटर नेशनल पब्लिक स्कूल

शिक्षा से संस्कार तक का सफर ही जीवन की सच्ची सफलता: सोनू सिंह
सच्ची रिपोर्ट | कुशीनगर
कुशीनगर। शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति के जीवन में संस्कार, अनुशासन, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने का सबसे सशक्त साधन है। शिक्षा से संस्कार तक का रास्ता तय करना ही मूल जीवन का लक्ष्य होना चाहिए। जब शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार जुड़ते हैं, तभी एक विद्यार्थी बेहतर नागरिक और समाज के लिए उपयोगी व्यक्ति बनता है।
उक्त विचार सहोदरा इंटर नेशनल पब्लिक स्कूल के सिक्रेटरी श्री सोनू सिंह ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचलों में शिक्षा की मजबूत नींव तैयार करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। गांवों के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उचित मार्गदर्शन और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने की है
उन्होंने कहा कि अच्छे शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा नहीं करते, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का निर्माण भी करते हैं। शिक्षक का आचरण, व्यवहार और संस्कार बच्चों के जीवन पर गहरा प्रभाव डालता है। इसलिए शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाले प्रत्येक शिक्षक की जिम्मेदारी है कि वह बच्चों को ज्ञान के साथ-साथ मानवता, अनुशासन, राष्ट्रप्रेम और समाज के प्रति जिम्मेदारी का पाठ भी पढ़ाए।
सहोदरा इंटर नेशनल पब्लिक स्कूल जिला मुख्यालय के समीप ग्राम सांडी खुर्द, निकट जानकीनगर, कुशीनगर में स्थित है। विद्यालय ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निरंतर प्रयासरत है।
स्वतंत्रता दिवस की गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि आजादी का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होगा, जब देश की नई पीढ़ी शिक्षित होने के साथ संस्कारी, जिम्मेदार और राष्ट्र के प्रति समर्पित बने। इसी सोच के साथ ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा को मजबूत करना समाज और राष्ट्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि “शिक्षा से संस्कार तक” केवल एक विचार नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। ग्रामीण प्रतिभाओं को उचित अवसर देकर उन्हें आगे बढ़ाना ही शिक्षा के क्षेत्र में सबसे बड़ी सफलता है।
रिपोर्ट: के. एन. साहनी | सच्ची रिपोर्ट

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