
1997 से जनसेवा की राह पर—पुलिसकर्मी अशोक कुमार यादव की सेवा यात्रा,,
संतकबीरनगर से शुरू हुआ सफर, श्रावस्ती, गोरखपुर होते हुए कुशीनगर में निभा रहे जिम्मेदारी
उत्तर प्रदेश पुलिस में वर्ष 1997 में कदम रखने वाले जिला संतकबीरनगर निवासी अशोक कुमार यादव आज भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जनता की सेवा में जुटे हुए हैं। करीब तीन दशक से अधिक समय की पुलिस सेवा के दौरान उन्होंने विभिन्न जनपदों में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया और पीड़ितों को न्याय दिलाने में अपनी भूमिका निभाई।
अशोक कुमार यादव की पहली नियुक्ति वर्ष 1997 में उत्तर प्रदेश पुलिस में हुई। वर्ष 2016 में कांस्टेबल पद से पदोन्नत होकर वह दीवान बने। इसके बाद जनपद श्रावस्ती में 112 सेवा में लगातार अपनी सेवाएं दीं।
मार्च 2020 से मार्च 2024 तक उन्होंने गोरखपुर में अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद 3 मार्च 2024 को जनपद कुशीनगर के थाना चौरा खास में उनकी पोस्टिंग हुई, जहां वह लगातार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं।
अशोक कुमार यादव का कहना है कि पुलिस की वर्दी केवल नौकरी नहीं, बल्कि जनता की सेवा और जरूरतमंद लोगों को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पुलिस कप्तान महोदय के निर्देशों के अनुसार कार्य करने और जनता की सेवा करने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
उनका मानना है कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद से कानून-व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। पीड़ित व्यक्ति जब अपनी समस्या लेकर पुलिस के पास पहुंचता है तो उसकी बात गंभीरता से सुनना और नियमानुसार कार्रवाई करना पुलिसकर्मी का महत्वपूर्ण दायित्व है।
वर्ष 1997 से शुरू हुई उनकी पुलिस सेवा आज भी निरंतर जारी है। लंबे सेवाकाल में अलग-अलग जनपदों में जिम्मेदारियां निभाते हुए अशोक कुमार यादव ने पुलिस सेवा को जनसेवा से जोड़कर अपनी अलग पहचान बनाने का प्रयास किया है।
रिपोर्ट: के. एन. साहनी | सच्ची रिपोर्ट