कुशीनगर में फैशनयुक्त साइलेंसर और अवैध हॉर्न-हूटर पर कप्तान का चाबुक

कुशीनगर में फैशनयुक्त साइलेंसर और अवैध हॉर्न-हूटर पर कप्तान का चाबुक,,
कुशीनगर। बुलेट और मोटरसाइकिलों में कंपनी के निर्धारित साइलेंसर हटाकर फैशनयुक्त एवं तेज आवाज वाले मॉडिफाइड साइलेंसर लगाने तथा वाहनों में अवैध हॉर्न, प्रेशर हॉर्न और हूटर का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कुशीनगर पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक केशव कुमार के निर्देश पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
मॉडिफाइड साइलेंसर और तेज आवाज वाले हॉर्न पर नजर
अभियान के दौरान बुलेट समेत दोपहिया वाहनों की विशेष चेकिंग की जा रही है। ऐसे वाहनों पर कार्रवाई की जा रही है, जिनमें कंपनी के मूल साइलेंसर को हटाकर तेज आवाज करने वाले मॉडिफाइड या फैशनयुक्त साइलेंसर लगाए गए हैं। इसके साथ ही प्रेशर हॉर्न, हूटर और अनावश्यक तेज आवाज करने वाले हॉर्न के इस्तेमाल पर भी पुलिस की नजर है।
कितना है शमन शुल्क?
उत्तर प्रदेश पुलिस की आधिकारिक यातायात नियमावली के अनुसार मोटर वाहन अधिनियम की धारा 194F के तहत अनावश्यक अथवा लगातार हॉर्न बजाने, प्रतिबंधित क्षेत्र में हॉर्न बजाने तथा साइलेंसर से संबंधित निर्धारित नियमों के उल्लंघन पर प्रथम अपराध में ₹1,000 और दूसरे/बाद के अपराध में ₹2,000 शमन शुल्क का प्रावधान है।
वहीं धारा 190(2) के तहत सड़क सुरक्षा, वायु प्रदूषण अथवा ध्वनि प्रदूषण के निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने पर आधिकारिक सूची में ₹10,000 प्रथम अपराध तथा ₹10,000 दूसरे/बाद के अपराध का शमन शुल्क दर्ज है।
पुलिस की सख्ती से वाहन चालकों में हड़कंप
पुलिस की इस कार्रवाई से मॉडिफाइड साइलेंसर और अवैध हूटर लगाकर सड़कों पर फर्राटा भरने वाले वाहन चालकों में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस द्वारा वाहन की स्थिति के अनुसार चालान, शमन शुल्क और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस का कहना है कि तेज आवाज वाले साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न से ध्वनि प्रदूषण बढ़ने के साथ-साथ सड़क पर दूसरे वाहन चालकों को परेशानी होती है। इसलिए वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे अपने वाहनों में कंपनी द्वारा निर्धारित साइलेंसर का ही प्रयोग करें तथा अवैध हूटर और प्रेशर हॉर्न से बचें।
महत्वपूर्ण बिंदु
बुलेट/मोटरसाइकिल में मॉडिफाइड या फैशनयुक्त साइलेंसर लगाने पर कार्रवाई।
प्रेशर हॉर्न, हूटर और अनावश्यक तेज हॉर्न के इस्तेमाल पर पुलिस की नजर।
ध्वनि प्रदूषण के निर्धारित मानकों का उल्लंघन धारा 190(2) के तहत कार्रवाई योग्य है।
धारा 190(2) के तहत आधिकारिक सूची में ₹10,000 शमन शुल्क का प्रावधान दर्ज है।
धारा 194F के तहत हॉर्न/साइलेंसर संबंधी उल्लंघन पर ₹1,000 प्रथम अपराध और ₹2,000 बाद के अपराध का प्रावधान है।
वाहन चालक अपने वाहन में कंपनी का निर्धारित साइलेंसर ही लगाएं।
अवैध हूटर और प्रेशर हॉर्न को हटाकर यातायात नियमों का पालन करें।
कार्रवाई के दौरान वाहन की स्थिति और लागू प्रावधान के अनुसार चालान/शमन शुल्क निर्धारित किया जाएगा।
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एडिटर : के. एन. साहनी
सच्ची रिपोर्ट उत्तर प्रदेश 9453013386

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