देशभक्ति केवल शब्द नहीं, संस्कार है
शिक्षा से संस्कार तक और,,
संस्कार से राष्ट्रप्रेम तक सोच रखने वाला व्यक्ति ही सच्चा देशभक्त होता है। जिसके हृदय में अपने देश के प्रति प्रेम और सम्मान की भावना होती है, वह अपने वतन की एकता, अखंडता और सम्मान के लिए सदैव समर्पित रहने को अपना सौभाग्य समझता है।
यह वतन हमारा है, यह मुल्क हमारा है।
संस्कृति हमारी है, भारत की मिट्टी हमारी है।
हमारा देश हमारा गौरव है और हमारा तिरंगा हमारी आन, बान और शान है।
आइए, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हम संकल्प लें कि देश की एकता, भाईचारे, संस्कृति और संविधान के मूल्यों की रक्षा करते हुए भारत को और मजबूत एवं गौरवशाली बनाएंगे।
जय हिंद!
वंदे मातरम्!
कनिष्क कुमार सिंह
शिक्षक, किसान इंटर मीडियेट कॉलेज, साखोपार