भीषण उमस भरी गर्मी में जनजीवन बेहाल, बाजार में धड़ल्ले से बिक रहे सड़े और रसायनों से पके आम

भीषण उमस भरी गर्मी में जनजीवन बेहाल, बाजार में धड़ल्ले से बिक रहे सड़े और रसायनों से पके आम,,
कसया/पडरौना, कुशीनगर। जनपद में भीषण उमस भरी गर्मी से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वहीं दूसरी ओर बाजारों में आम के नाम पर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किए जाने का आरोप लग रहा है। सड़कों के किनारे और प्रमुख चौराहों पर खुलेआम सड़े-गले तथा कथित रूप से हानिकारक रसायनों से पकाए गए आमों की बिक्री की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा न तो आमों की नियमित सैंपलिंग की जा रही है और न ही जनता को यह बताया जा रहा है कि प्राकृतिक रूप से पके और रसायनों से पकाए गए आमों की पहचान कैसे करें। बाजारों में कई स्थानों पर सड़े हुए आम भी बिक्री के लिए रखे जा रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
लोगों का आरोप है कि अधिक मुनाफा कमाने की होड़ में कुछ विक्रेता गुणवत्ता की अनदेखी कर रहे हैं। ग्राहकों के सामने ही खराब और सड़े आम बिक्री के लिए प्रदर्शित किए जा रहे हैं, जो खाद्य सुरक्षा मानकों के विपरीत है।
क्षेत्र के अभिभावकों का कहना है कि गर्मी के इस मौसम में बच्चों के बीमार होने के मामले बढ़ रहे हैं। उनका मानना है कि यदि बाजार में बिक रहे फलों की गुणवत्ता की जांच समय-समय पर की जाए तो ऐसी समस्याओं पर अंकुश लगाया जा सकता है। लोगों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि वे कसया और पडरौना क्षेत्र के अस्पतालों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लें तथा खाद्य एवं स्वास्थ्य विभाग को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दें।
जनता ने प्रशासन से मांग की है कि बाजारों में बिक रहे आमों की जांच कराई जाए, नियमित सैंपलिंग की जाए तथा उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण फल उपलब्ध कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
रिपोर्ट: के. एन. साहनी
सच्ची रिपोर्ट उत्तर प्रदेश

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