बैकल्पिक व्यवस्था के सहारे चल रहे कुशीनगर के तीन थाने, स्थायी भवन का सपना अब भी अधूरा

वर्तमान किराए का थाना

बैकल्पिक व्यवस्था के सहारे चल रहे कुशीनगर के तीन थाने, स्थायी भवन का सपना अब भी अधूरा


रिपोर्ट: के.एन. साहनी


कुशीनगर जनपद में वर्ष 2022 में जनता की बढ़ती समस्याओं, कानून व्यवस्था को मजबूत करने तथा त्वरित पुलिस सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से थाना रबिन्द्र नगर धूस, थाना चौरा खास और थाना तमकुहीराज क्षेत्र में नई थाना व्यवस्थाएं शुरू की गई थीं। इन थानों के संचालन के साथ ही मुकदमा पंजीकरण, शिकायत निस्तारण सहित अन्य कानूनी प्रक्रियाएं भी प्रारंभ कर दी गईं।
करीब चार वर्ष बीतने को हैं, लेकिन आज भी इन थानों का संचालन बैकल्पिक व्यवस्था और अस्थायी संसाधनों के सहारे किया जा रहा है। जहां एक ओर जनता को स्थायी थाना भवन न होने के कारण कई प्रकार की असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर यहां तैनात थानाध्यक्षों व पुलिसकर्मियों के सामने भी आवास, बैरक और मूलभूत सुविधाओं का गंभीर संकट बना हुआ है।
सूत्रों के अनुसार इन थानों के लिए जमीन भी अवमुक्त कर दी गई है, लेकिन कानूनी दांव-पेंच और धीमी प्रशासनिक प्रक्रिया के चलते निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है। विकास का पहिया मानो बीच रास्ते में ही पंचर हो गया हो।
वर्तमान स्थिति यह है कि पुलिस कर्मियों को रहने के लिए उचित बैरक तक उपलब्ध नहीं है। कई स्थानों पर किराये या अस्थायी भवनों में कार्य संचालन हो रहा है। इससे पुलिस व्यवस्था पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। वहीं फरियाद लेकर पहुंचने वाली जनता को भी समुचित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब थानों का गठन जनता की सुविधा के लिए किया गया था, तो अब स्थायी भवन निर्माण में हो रही देरी समझ से परे है। लोगों ने मांग की है कि शासन और प्रशासन इस दिशा में गंभीर पहल करे ताकि इन थानों को पूर्ण रूप से विकसित किया जा सके।
जनपदवासियों और पुलिस विभाग से जुड़े लोगों की निगाहें अब पुलिस अधीक्षक कुशीनगर की ओर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि पुलिस कर्मियों के लिए बैरक, आवासीय परिसर और जनता के लिए बेहतर थाना सुविधाओं की दिशा में जल्द ठोस कदम उठाए जाएंगे, जिससे वर्षों से अधूरा पड़ा स्थायी थाना भवन का सपना साकार हो सके।

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