
दोस्ती में मारपीट का बदला, फिर मिलकर कर दी आदर्श की हत्या

पुलिस ने 24 घंटे में नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर खोली जांच की नई कड़ी, असली हत्यारों तक पहुंची टीम; चार गिरफ्तार, एक बाल अपचारी पुलिस संरक्षण में
कुशीनगर। तमकुहीराज थाना क्षेत्र के चखनी खास गांव में आदर्श चौहान उर्फ बुलेट की चाकू मारकर हुई हत्या का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। हत्या के बाद मृतक के पिता की तहरीर पर पांच नामजद और चार अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर जब गहनता से पूछताछ की तो कहानी कुछ और ही सामने आई।
पुलिस के अनुसार, नामजद किए गए आरोपी घटना में शामिल नहीं थे। पुलिस ने सर्विलांस, एसओजी, साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम लगाकर घटनाक्रम की बारीकी से जांच शुरू की। मोबाइल की टाइमलाइन, सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य साक्ष्यों का मिलान करने के बाद पुलिस असली हत्यारों तक पहुंच गई।
जांच में पांच अन्य आरोपियों के नाम प्रकाश में आए। पुलिस ने 7 अगस्त 2026 को अंगद पासवान, सतीश कुशवाहा, चंदन कुशवाहा और प्रीतम कुशवाहा को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक बाल अपचारी को पुलिस संरक्षण में लिया गया।
पुरानी मारपीट बनी हत्या की वजह
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि हत्या से करीब 15 से 20 दिन पहले मृतक आदर्श चौहान और आरोपियों के बीच कहासुनी तथा मारपीट हुई थी। इसी पुराने विवाद को लेकर आरोपियों ने कथित रूप से आदर्श की हत्या की योजना बनाई और चाकू से हमला कर उसकी जान ले ली।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन की गतिविधियों की टाइमलाइन और भुगतान की तारीखों समेत उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान किया गया। पुलिस का दावा है कि इन साक्ष्यों से घटनाक्रम की कड़ियां आपस में जुड़ गईं।
हत्या में इस्तेमाल चाकू और दो बाइक बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर आलाकत्ल चाकू तथा घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिल बरामद करने का दावा किया है। इनमें हीरो स्प्लेंडर बाइक संख्या UP57CA3926 और UP57CE4940 शामिल हैं।
मामले में थाना तमकुहीराज में मु0अ0सं0 186/2026 के तहत धारा 103(2)/190/191(2)/191(3) बीएनएस में अभियोग पंजीकृत है।
एसपी केशव कुमार का सख्त संदेश
पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने मामले के खुलासे पर पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि किसी निर्दोष व्यक्ति को मुकदमे में मुलजिम बनाना आसान हो सकता है, लेकिन साक्ष्यों के आधार पर असली मुलजिम को बच पाना आसान नहीं है।
एसपी ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को पकड़ना नहीं, बल्कि सच्चाई तक पहुंचकर वास्तविक अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करना है। इस मामले में नामजदगी और वास्तविक घटना के बीच अंतर सामने आने के बाद पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर असली आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार
हत्या का सफल अनावरण करने वाली पुलिस टीम को पुलिस अधीक्षक कुशीनगर द्वारा 25,000 रुपये के नकद पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया।
कार्रवाई में थाना तमकुहीराज के प्रभारी निरीक्षक गिरीजेश उपाध्याय, स्वाट प्रभारी उपनिरीक्षक स्वतंत्र सिंह, साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक सुनील कुमार सिंह, सर्विलांस प्रभारी उपनिरीक्षक सन्नी दूबे सहित तमकुहीराज पुलिस, साइबर सेल, सर्विलांस और स्वाट टीम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस के इस खुलासे ने यह भी स्पष्ट किया कि सिर्फ तहरीर में नाम होना किसी व्यक्ति को अपराधी साबित नहीं करता। अपराध की सच्चाई तक पहुंचने के लिए साक्ष्य और जांच सबसे महत्वपूर्ण हैं।