तुर्कपट्टी सूर्य मंदिर बना सामाजिक आस्था का केंद्र: 24 वर्षों से 21 निर्धन कन्याओं का सामूहिक विवाह, कुशीनगर में ऐतिहासिक परंपरा कायम

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तुर्कपट्टी सूर्य मंदिर बना सामाजिक आस्था का केंद्र: 24 वर्षों से 21 निर्धन कन्याओं का सामूहिक विवाह, कुशीनगर में ऐतिहासिक परंपरा कायम


कुशीनगर | तुर्कपट्टी महडुआ
जनपद कुशीनगर में मानवता, सेवा और संस्कार का अद्भुत संगम एक बार फिर देखने को मिल रहा है। तुर्कपट्टी स्थित प्राचीन सूर्य मंदिर परिसर में आयोजित होने वाला 21 निर्धन कन्याओं का पारंपरिक सामूहिक विवाह समारोह अब अपने 24वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है और जिले की एक ऐतिहासिक पहचान बन गया है।
यह भव्य आयोजन समाजसेवी अजय कुमार गुप्ता एवं श्रीमती कंचन गुप्ता के अथक प्रयासों से पिछले 24 वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है। हर वर्ष सैकड़ों गरीब परिवारों के लिए यह कार्यक्रम उम्मीद की किरण बनकर सामने आता है, जहां बेटियों का विवाह पूरे सम्मान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया जाता है।
26 अप्रैल को सजेगा भव्य मंच, हजारों लोगों की जुटेगी भीड़
आज दिनांक: 26 अप्रैल 2026 समय: शाम 7 बजे से सभी जोड़े अपने साथ वर बधु पक्ष के साथ पहुंचे
स्थान: ग्राम कालीन सूर्य मंदिर परिसर, तुर्कपट्टी महडुआ
इस ऐतिहासिक आयोजन में जिले के जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, बुद्धिजीवी वर्ग और बड़ी संख्या में आमजन शामिल होकर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देंगे।
संस्कृति और परंपरा का संगम: श्रीराम-सीता विवाह का मंचन
कार्यक्रम को और भी भव्य बनाने के लिए सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया है, जिसमें
‘श्रीराम-सीता विवाह एवं रासलीला’ का मंचन किया जाएगा
करीब 45 कलाकारों द्वारा लोकनाट्य प्रस्तुति
निर्देशन: मानवेन्द्र त्रिपाठी
यह प्रस्तुति भोजपुरी लोकसंस्कृति को जीवंत करने का प्रयास भी है, जो दर्शकों के लिए खास आकर्षण बनेगी।
समाज सेवा की मिसाल बना आयोजन
इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ शादी कराना नहीं, बल्कि
✔ निर्धन परिवारों को आर्थिक बोझ से राहत देना
✔ बेटियों को सम्मानपूर्वक विदा करना
✔ समाज में एकता और सहयोग की भावना को बढ़ावा देना
लगातार 24 वर्षों से बिना रुके इस परंपरा को निभाना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
आयोजन से जुड़े प्रमुख लोग
अध्यक्ष: अजय कुमार गुप्ता
स्वागतकर्ता: श्रीमती कंचन गुप्ता
प्रबंधक: सुधीर कुमार शाही
आयोजक: के.डी. शाही जन जागृति संस्थान एवं नव निकेतन ज्ञान परिवार
कुशीनगर के लिए गर्व का क्षण
तुर्कपट्टी सूर्य मंदिर का यह सामूहिक विवाह अब केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि कुशीनगर की पहचान बन चुका है। हर वर्ष यह आयोजन समाज को एक संदेश देता है कि “बेटी बोझ नहीं, सम्मान है”।
यह ऐतिहासिक पहल आज पूरे जिले के लिए प्रेरणा बन चुकी है और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल भी।

सूर्यमंदिर का अलौकिदृश्य

कार्यक्रम संयोजक श्री शैलेन्द्र दत्त शुक्ला जी,

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