“न्यायालय के आदेश को ठेंगा!
कुशीनगर में स्टे के बावजूद धड़ल्ले से चलता रहा अवैध निर्माण”
कुशीनगर | विशेष रिपोर्ट (ओम पत्रिका न्यूज़)
जनपद कुशीनगर में कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
दीवानी न्यायालय कसया द्वारा जारी स्थगन आदेश संख्या 74/2026 को खुलेआम नजरअंदाज कर दिया गया और विवादित जमीन पर अवैध निर्माण धड़ल्ले से जारी रहा।
मामला ग्राम बिहार खुर्द, तहसील व थाना तमकुहीराज का है, जहां सुरेन्द्र बनाम सुंदेश्वर वाद में न्यायालय ने स्पष्ट रूप से निर्माण कार्य पर रोक लगाई थी। बताया जा रहा है कि गाटा संख्या 730/128 पर न्यायालय ने 19 जनवरी 2026 को स्टे ऑर्डर जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद विपक्षी द्वारा निर्माण कार्य नहीं रोका गया।
न्यायालय का आदेश बना मजाक!
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि न्यायालय के आदेश के बाद भी न तो निर्माण रुका और न ही प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई की। शिकायतकर्ता का आरोप है कि राजस्व और पुलिस विभाग की लापरवाही के चलते आदेश की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गईं।
नोटिस के बाद भी नहीं रुका निर्माण कार्य
बताया गया कि 17 फरवरी 2026 को संबंधित पक्ष को नोटिस भी दिया गया, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा। इससे क्षेत्र में तनाव और विवाद की स्थिति बन गई है।
प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल—–
अब सवाल यह उठता है कि आखिर:
जब न्यायालय का स्पष्ट आदेश था, तो निर्माण क्यों नहीं रुका?
क्या प्रशासन जानबूझकर आंखें मूंदे बैठा रहा?
क्या दबंगों के आगे कानून बेबस हो गया है?
जिलाधिकारी से लगाई गुहार
पीड़ित पक्ष ने जिलाधिकारी से मांग की है कि:
तत्काल स्टे ऑर्डर का पालन कराया जाए
अवैध निर्माण पर रोक लगे
दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो
मौके पर पुलिस बल तैनात किया जाए
अगर न्यायालय के आदेश का ही पालन नहीं होगा, तो आम जनता को न्याय कैसे मिलेगा?
✍️ ओम पत्रिका न्यूज़
