सीएचसी रामकोला में तानाशाही! सवाल पूछने पर पत्रकार से अभद्रता, स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल
ओम पत्रिका न्यूज
रिपोर्ट प्रदुम्न सिंह कुशीनगरकुशीनगर।
सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। जनपद कुशीनगर के रामकोला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) में जो हुआ, वह न केवल चिंताजनक है बल्कि बेहद शर्मनाक भी है।
जनहित से जुड़े मुद्दों की पड़ताल करने पहुंचे एक पत्रकार को उस समय अपमानित होना पड़ा, जब उन्होंने अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं, दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को मिल रही सुविधाओं पर सवाल उठाए। आरोप है कि जिम्मेदारी निभाने के बजाय प्रभारी चिकित्सा अधिकारी अपना आपा खो बैठे और पत्रकार के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए दुर्व्यवहार करने लगे।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब एक पत्रकार, जो जनता की आवाज उठाने का काम करता है, उसके साथ इस तरह का व्यवहार हो सकता है, तो आम मरीजों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता होगा? यह घटना स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है और सिस्टम में व्याप्त मनमानी व जवाबदेही की कमी को उजागर करती है।
पीड़ित पत्रकार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी है और दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला और तूल पकड़ सकता है।
अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं—
क्या जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई होगी या फिर सत्ता और सिस्टम की ढाल में मामला दबा दिया जाएगा?