कुशीनगर में स्थापित होगी अत्याधुनिक केले की टिशू कल्चर लैब

कुशीनगर में स्थापित होगी अत्याधुनिक केले की टिशू कल्चर लैब

किसानों को मिलेंगे रोगमुक्त पौधे, बढ़ेगी आय और खुशहाली
लखनऊ/कुशीनगर, 13 फरवरी 2026।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कृषि और बागवानी को नई दिशा देने की पहल के तहत जनपद कुशीनगर के कसया स्थित राजकीय आलू फार्म परिसर में अत्याधुनिक केला टिशू कल्चर लैब की स्थापना की जा रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की घोषणा प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही** ने की।
कृषि मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इस परियोजना हेतु कुल 401.75 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें 223.54 लाख रुपये निर्माण कार्य तथा 178.21 लाख रुपये मशीनरी एवं उपकरणों के लिए आवंटित किए गए हैं। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड (UPRNSS) को सौंपी गई है।
स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगे उन्नत पौधे
अब तक क्षेत्र के किसानों को टिशू कल्चर के उन्नत एवं रोगमुक्त केले के पौधों के लिए अन्य राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे परिवहन व्यय बढ़ता था और पौधों के खराब होने का खतरा बना रहता था। नई लैब स्थापित होने के बाद किसानों को समय पर उच्च गुणवत्ता वाले पौधे स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेंगे। इससे उत्पादन लागत घटेगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
‘एक जनपद एक उत्पाद’ को मिलेगा बल
यह लैब न केवल गुणवत्ता सुधार में सहायक होगी, बल्कि निर्यात योग्य केले के उत्पादन को भी बढ़ावा देगी। इससे प्रदेश सरकार के एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) अभियान को भी नई गति मिलेगी और कुशीनगर को केले के बड़े उत्पादन केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए भी धन स्वीकृत
कसया स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) पोटैटो के अतिरिक्त घटकों के विकास के लिए भी 70.86 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। इस प्रकार कुल 472.61 लाख रुपये की संयुक्त वित्तीय स्वीकृति प्रक्रिया में है, जिससे कुशीनगर सहित आसपास के जनपदों के हजारों किसान सीधे लाभान्वित होंगे।
प्रशिक्षण और तकनीकी हस्तांतरण का केंद्र बनेगी लैब
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि यह लैब केवल पौध उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रशिक्षण का केंद्र भी बनेगी। यहां तैयार पौधे कीट एवं रोगों के प्रति सहनशील होंगे, जिससे कीटनाशकों पर खर्च कम होगा और किसानों की शुद्ध आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
सरकार की यह पहल कुशीनगर को केले के उत्पादन एवं प्रसंस्करण के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Related Post

Leave a Comment