जिला अस्पताल में मरीज परेशान, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

जिला अस्पताल में मरीज परेशान, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवालy

कुशीनगर।
जिला अस्पताल में मरीजों एवं तीमारदारों को हो रही परेशानियों को लेकर एक बार फिर व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े होने लगे हैं। सरकार द्वारा अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था और सुविधाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद मरीजों को राहत नहीं मिल पा रही है

सूत्रों के अनुसार अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात कुछ कर्मियों की यूनिफॉर्म अथवा स्पष्ट पहचान नहीं होने के कारण बाहरी बिचौलिए सक्रिय हैं, जो भोले-भाले लोगों का शोषण कर रहे हैं। आरोप है कि मरीजों को जांच, इलाज और अन्य सुविधाओं के नाम पर गुमराह कर उनसे पैसे वसूले जा रहे हैं।

बताया जा रहा है कि अस्पताल परिसर में सक्रिय कुछ महिलाएं मरीजों और उनके परिजनों को “मोटिवेट” करने के नाम पर निजी तौर पर संपर्क करती हैं। इसके बाद कथित रूप से पैसों के लेन-देन का खेल चल रहा है। हालांकि यह पूरा मामला किसकी देखरेख में संचालित हो रहा है, इस पर अब तक कोई स्पष्ट कार्रवाई सामने नहीं आई है।

वहीं मुख्य चिकित्साधीक्षक लगातार अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने और मरीजों को असुविधा न हो, इसके लिए प्रयासरत बताए जा रहे हैं। बावजूद इसके अस्पताल में बिचौलियों की सक्रियता चर्चा का विषय बनी हुई है।

इसके साथ ही अस्पताल परिसर में वाहन सुरक्षा को लेकर भी लापरवाही सामने आ रही है। इलाज कराने या मरीज को देखने आने वाले कई लोग अपनी मोटरसाइकिलें बिना लॉक किए अथवा लावारिस हालत में खड़ी कर अंदर चले जाते हैं। ऐसी स्थिति में वाहन चोरी होने पर लोग अस्पताल प्रशासन और पुलिस को जिम्मेदार ठहराते हैं। सुरक्षा कर्मियों द्वारा समय-समय पर लोगों को वाहन सुरक्षित तरीके से खड़ा करने एवं लॉक लगाने की सलाह भी दी जाती है।

स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल परिसर में निगरानी बढ़ाने, संदिग्ध लोगों पर कार्रवाई करने तथा सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है, ताकि मरीजों और तीमारदारों को सुरक्षित एवं पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

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